जेएनयू में कन्हैया का क्रांतिकारी ‘बलात्कारी’ निकला!

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में वामपंथी संगठनों और उससे जुड़े छात्र नेताओं की करतूतें एक बार फिर से चर्चा में है। यूनिवर्सिटी में आइसा (AISA) के एक बड़े पदाधिकारी पर यूनिवर्सिटी की ही एक छात्रा ने बलात्कार का आरोप लगाया है। आरोपी का नाम अनमोल रतन है और वो दिल्ली में आइसा का प्रदेश अध्यक्ष भी है। जेएनयू में इससे पहले भी आइसा और दूसरे वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों और अध्यापकों पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

नशे की दवा देकर किया बलात्कार

पीड़ित लड़की जेएनयू में ही पीएचडी फर्स्ट ईयर की छात्रा है। उसने अपनी शिकायत में बताया है कि उसने जून में फेसबुक पर अपनी फ्रेंडलिस्ट के लोगों से पूछा था कि क्या किसी के पास मराठी फिल्म ‘सैराट’ की कॉपी है। इसके बाद अनमोल ने उसे मैसेज भेजा कि फिल्म की कॉपी उसके पास है और उसे लेने के लिए उसके हॉस्टल आना पड़ेगा। अनमोल उसे ब्रह्मपुत्र हॉस्टल में अपने कमरे में ले गया। वहां पर उसने कुछ पीने को दिया, जिससे वो बेहोश हो गई। इसके बाद अनमोल ने कमरे में ही उसके साथ बलात्कार किया। बाद में वो उसे कमरे से बाहर भी जाने नहीं दे रहा था। इतना ही नहीं उसने लड़की को धमकी दी कि अगर किसी से घटना का जिक्र किया तो बुरा नतीजा होगा। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और बहुत जल्द आरोपी की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

‘कन्हैया का दोस्त था अनमोल रतन’

इस तस्वीर में बलात्कार के आरोपी अनमोल को जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया और उपाध्यक्ष शेहला राशिद के साथ देखा जा सकता है।

इस तस्वीर में बलात्कार के आरोपी अनमोल को जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया और उपाध्यक्ष शेहला राशिद के साथ देखा जा सकता है।

यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने हमें बताया कि भले ही कन्हैया और अनमोल दो अलग-अलग छात्र संगठनों से जुड़े थे, लेकिन आपस में दोनों की खूब छनती है। कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन में अनमोल ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। अपने फेसबुक पेज पर उसने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और भगत सिंह जैसे महापुरुषों की तस्वीरें लगा रखी हैं और उसने महिलाओं पर अत्याचार, बलात्कार के खिलाफ कई धरना-प्रदर्शनों की तस्वीरें भी फेसबुक पर पोस्ट कर रखी हैं।

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वामपंथी छात्र संगठनों में रेप आम बात!

जेएनयू में वामपंथी छात्र संगठनों में महिलाओं के साथ बदसलूकी और बलात्कार जैसी घटनाएं पिछले कुछ दिनों में आम हो गई हैं। पिछले दिनों में जेएनयू के छात्र रहे एक प्रोफेसर पर बलात्कार का आरोप लगा था। इसके अलावा भी आए दिन ऐसे वाकये सुनने में आते रहते हैं। कहा जाता है कि वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े लड़के कभी ड्रग्स तो कभी दूसरे तरीकों से लड़कियों का यौन शोषण करते हैं। ज्यादातर मामले कभी कैंपस से बाहर आ ही नहीं पाते। यहां तक कि छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया को भी एक बार एक लड़की के सामने खड़े होकर पेशाब करने और अश्लील इशारे करने के मामले में सज़ा सुनाई जा चुकी है। नीचे लिंक पर क्लिक करके आप यह खबर पढ़ सकते हैं।

खुले में पेशाब करने की आजादी चाहता है कन्हैया

मामला सामने आने के बाद आइसा ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने एक बयान जारी करके मामले की जांच की मांग की है। हालांकि कैंपस में देर रात तक वामपंथी गुट के छात्र नेता इसी जुगत में रहे कि इस मामले पर किस तरह से अपने आरोपी साथी का बचाव किया जाए।

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