देखिए कैसे देश को बदनाम करवा रहा है ये पत्रकार!

सोशल मीडिया पर 2-3 दिन से एक तस्वीर को लेकर हंगामा मचा हुआ है। ट्विटर पर इसे शेयर करने वाला आदित्य मेनन नाम का तथाकथित पत्रकार है। तस्वीर में एक बच्चा अपने मृत पिता के शव की आंखें अपने हाथों से बंद कर रहा है। आदित्य मेनन ने इसे कश्मीर का बता कर शेयर किया। यह है कि तस्वीर भारत की नहीं, बल्कि सीरिया की है। 2012 की यह तस्वीर काफी चर्चा में भी रही थी। दरअसल बीते कुछ महीनों से मीडिया से जुड़े कुछ लोग जानबूझकर फिलिस्तीन से लेकर सीरिया तक की तस्वीरों को कश्मीर का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इससे यह शक पैदा होता है कि अचानक शुरू हुई इस कोशिश के पीछे कहीं देश को दुनिया भर में बदनाम करने की कोई बड़ी साजिश तो नहीं है?

सीरिया की तस्वीर को कश्मीर की बताया

बच्चे की यह तस्वीर दरअसल 2012 की है उस वक्त खाड़ी के देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर की मीडिया ने इस तस्वीर को छापा था। नीचे इस तस्वीर से जुड़ी एक खबर को आप देख सकते हैं।

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बाद में जब पोल खुल गई तो आदित्य मेनन ने बस इतना कहकर माफी मांग ली कि ‘पता नहीं था’। जबकि यह बात भी सरासर झूठ है क्योंकि 2013 में उसने इसी तस्वीर को अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर शेयर किया था। मतलब साफ है कि वो ऐसी तस्वीरें शेयर करके देश को बदनाम करने और दंगे भड़काने की कोशिश कर रहा था। सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है, लेकिन पुलिस ने अब तक आदित्य मेनन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

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पहले भी दंगे भड़काने की कोशिश की!

ऐसा नहीं है कि आदित्य मेनन की यह कोई पहली करतूत थी। इससे पहले भी वो सोशल मीडिया पर ऐसी झूठी तस्वीरें और खबरें पोस्ट करता रहा है, जिससे देश के अंदर दंगे भड़क जाएं। क्योंकि पत्रकार होने के नाते उसकी दी खबरों को लोग पहली नज़र में सच मान बैठते हैं। नीचे आप इसकी वेबसाइट में छपी उस खबर का लिंक देख सकते हैं जिसमें इसने बताया है कि एक हिंदू ने पंजाब के मलेरकोटला में कुरान के पन्ने फाड़कर दंगे भड़काने की कोशिश की। इस मामले में आम आदमी पार्टी का विधायक सीधे तौर पर शामिल पाया गया है। आदित्य मेनन ने इस बात पर अफसोस भी जताया है कि लोकल मुसलमानों ने इलाके के अकाली विधायक के घर पर हमला किया, जबकि उन्हें हिंदुओं पर हमला करना चाहिए था।

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कौन है आदित्य मेनन?

आदित्य मेनन दरअसल कांग्रेस के साइबर सेल का कर्मचारी रहा है। 2014 के चुनाव में वो बाकायदा साइबर सेल का सदस्य भी रहा था। कांग्रेस के एक बड़े नेता की सिफारिश पर आदित्य इंडिया टुडे समेत कई बड़े समाचार समूहों में नौकरी कर चुका है और फिलहाल वो राजस्थान पत्रिका की न्यूज वेबसाइट कैच न्यूज़ में काम कर रहा है। कुछ लोग यह भी दावा करते हैं कि आदित्य मेनन दरअसल हिंदू है ही नहीं। उसके साथ काम कर चुके एक पत्रकार ने बताया कि आदित्य मेनन शुरू से ही जिहादी मानसिकता का रहा है। उसने शादी भी एक मुस्लिम लड़की से की। इसके बाद उसने औपचारिक तौर पर इस्लाम कबूल कर लिया। हालांकि स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकी है। आदित्य  की ज्यादातर रिपोर्ट्स हिंदुओं, मोदी सरकार और यहां तक कि देश के खिलाफ भी होती हैं। किसी भी खबर में कोई तथ्य नहीं होता, बल्कि झूठे सूत्रों के हवाले से अंट-शंट बातें भर होती हैं। इसके बावजूद कैच न्यूज़ को चलाने वाले अखबार राजस्थान पत्रिका ने उसे नौकरी पर बनाए रखा है। कई बार शिकायतें आने के बावजूद राजस्थान पत्रिका के मालिकों ने इसे खुली शह दे रखी है।

 

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