जिन-जिन देशों में मोदी गए, वहां के सैलानी बढ़ गए!

अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान पीएम मोदी हॉलीवुड के सुपरस्टार ह्यूज जैकमैन के साथ मंच पर आए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक जिन-जिन देशों की यात्रा पर गए वहां से भारत की सैर पर आने वाले सैलानियों के तादाद में भारी उछाल आया है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो साल में दुनिया भर में मंदी के बावजूद भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में औसतन 20 फीसदी से ऊपर बढ़ोतरी हुई है। मोदी की यात्राओं से उन देशों के लोग भी भारत में आने लगे हैं, जिनकी अब तक भारत में कोई दिलचस्पी नहीं थी। यही वजह है कि पर्यटन मंत्रालय ने औपचारिक तौर पर किसी बड़ी हस्ती को ‘अतुल्य भारत'(Incredible India) का ब्रांड एंबेसडर नहीं बनाया है।

पीएम की यात्राओं से बढ़ी भारत में दिलचस्पी

प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक प्रधानमंत्री 32 देशों की यात्रा कर चुके हैं। पर्यटकों की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी इन्हीं देशों से हुई है। मोदी जिन-जिन देशों में जाते हैं वहां पर वो अपने सरकारी कार्यक्रमों के दौरान सभी को भारत आने का न्यौता देते हैं। अक्सर उनके कार्यक्रमों के साथ भारत के मशहूर पर्यटनस्थलों की तस्वीरें लगाई जाती हैं। खास तौर पर ऐसी जगहें जिनमें वहां के लोगों की रुचि हो। इस रणनीति का फायदा आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में बड़े पैमाने पर भारतीय संस्कृति और कलाओं को शो-केस किया गया। जिसके बाद दोनों ही जगहों पर हजारों की संख्या में लोगों ने भारत में घूमने जाने के बारे में इन्क्वायरी की। नीचे हम आपको 2014 और 2015 के आंकड़ों की तुलना दे रहे हैं।

  • तुर्कमेनिस्तान से सैलानियों की संख्या 77 फीसदी बढ़ी।
  • उज्बेकिस्तान से आने वालों की संख्या 40 फीसदी अधिक रही।
  • ईरान के सैलानियों में 33 फीसदी का उछाल आया।
  • अमेरिका, ब्राजील, आयरलैंड, सऊदी अरब, बेल्जियम, किर्गिस्तान से पर्यटकों की संख्या में भी 20 फीसदी के आसपास बढ़ोतरी रही।
  • रूस के सैलानियों में 36 फीसदी गिरावट रही। लेकिन ये गिरावट दुनिया के सभी देशों में आई है।
न्यूयॉर्क के मेडीसन स्क्वायर में भारतीय नृत्य और कलाओं की जोरदार नुमाइश की गई थी। इसके बाद बड़ी तादाद में लोगों ने भारत के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछताछ की थी। (फोटो-PTI)

न्यूयॉर्क के मेडीसन स्क्वायर में भारतीय नृत्य और कलाओं की जोरदार नुमाइश की गई थी। इसके बाद बड़ी तादाद में लोगों ने भारत के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछताछ की थी। (फोटो-PTI)

हर तरह के सैलानियों की संख्या में इजाफा

विदेशी नागरिकों के अलावा पहली बार एनआरआई, पीआईओ सैलानियों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। एनआरआई और पीआईओ कैटेगरी के ज्यादातर सैलानी वो थे जो अपनी अगली पीढ़ियों को भारत से जोड़ना चाहते थे। ये एक नया ट्रेंड है कि काफी समय पहले देश छोड़ चुके लोग अब अपनी भारतीय पहचान को बनाए रखने के इच्छुक हैं।

आमिर खान का खास फायदा नहीं हुआ था!

इससे पहले बॉलीवुड के हीरो आमिर खान इनक्रेडिबल इंडिया कैंपेन के ब्रांड एंबेसडर थे। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आमिर खान के भारतीय पर्यटन का चेहरा होने के बावजूद सैलानियों की संख्या में कोई खास बदलाव नहीं रहा था। इसकी बड़ी वजह यह मानी जाती है कि आमिर खान को भारत में तो लोग जानते हैं, लेकिन यूरोपीय देशों, अमेरिका और अफ्रीका में उनकी कोई पहचान नहीं थी। जबकि मोदी अब पूरी दुनिया में भारत का चेहरा बन गए हैं। बहुत जल्द पर्यटन विभाग पीएम मोदी के चेहरे के साथ कुछ विज्ञापन भी जारी कर सकता है, जिसे दुनिया भर में भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

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