उडुपी: नकली गोरक्षकों, मीडिया ने असली रंग दिखाया!

कर्नाटक के उडुपी में अपनी दो पालतू गायों को ले जा रहे एक बीजेपी कार्यकर्ता को नकली गोरक्षकों ने पीट-पीटकर मार डाला। इस बीजेपी कार्यकर्ता का नाम प्रवीण पुजारी है। आरोप हिंदू जागरण वेदिके नाम के संगठन के कार्यकर्ताओं पर है। लेकिन दिल्ली के ज्यादातर अखबारों और चैनलों ने बिना कुछ सोचे-समझे हत्यारों के विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और यहां तक कि बीजेपी से जुड़े होने की अफवाह फैलानी शुरू कर दी। विश्व हिंदू परिषद ने बयान जारी करके कहा है कि यह आरोप बिल्कुल गलत है। एक भी आरोपी का वीएचपी या बजरंग दल से कोई लेना-देना नहीं है।

क्या है ये पूरा मामला?

उडुपी के एसपी केपी बालाकृष्णा ने बताया कि प्रवीण पुजारी अपनी टाटा कार से अपनी दो गायों को लेकर जा रहे थे। रास्ते में कुछ कथित गोरक्षकों ने उन्हें घेर लिया। प्रवीण के साथ उनके दोस्त अक्षय देवाडिगा भी थे। हमले में प्रवीण की मौत हो गई है, जबकि अक्षय को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में 17 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि कुछ की अभी तलाश चल रही है। पकड़े गए सभी गोरक्षक हिंदू जागरण वेदिके नाम के संगठन से जुड़े हैं। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है, इसके बावजूद एक साजिश के तहत दिल्ली के तमाम अखबारों और चैनलों ने गुरुवार दिन भर हत्यारों को वीएचपी और बजरंग दल का बताया।

पीएम मोदी ने सही कहा था

गोरक्षा के नाम पर हत्याओं पर प्रधानमंत्री ने जब कहा था कि कुछ नकली गोरक्षक गोरखधंधा चला रहे हैं तो बहुत सारे लोगों को मिर्ची लग गई थी। खास तौर पर कांग्रेस जो गोरक्षा के नाम पर हिंदू समाज को बांटने की साजिश कर रही है। (पढ़ें: उना कांड के पीछे कांग्रेस की साज़िश!) और उन संगठनों को जो चाहते हैं कि हिंदू भी मुसलमानों की तरह कट्टर और हिंसक धर्म बने। उडुपी की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गोरक्षा के मुद्दे पर मीडिया जानबूझकर बीजेपी को बदनाम करने की साजिश रच रहा है। कांग्रेस के पैसों पर चल रहे कुछ तथाकथित हिंदू संगठन भी इस साजिश में कहीं न कहीं शामिल हैं।

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