‘मोदी को आपका सपोर्ट चाहिए… पहले से भी ज्यादा’

Manoj Kumar Mishraमार्क टली भारत में कई साल तक बीबीसी के संवादाता रहे हैं। न केवल विदेशी पत्रकारों में उनका विशिष्ट स्थान है बल्कि वो सर्वाधिक सम्मानित भी हैं। मार्क टली ने अपनी हालिया किताब “No Full Stops In India” में भारत में हो रहे बदलावों का जिक्र किया है उसका कुछ हिंदी अनुवाद मैं आप सबके लिये प्रस्तुत कर रहा हूँ।

वो लिखते हैं “भारत में बदलाव आने में काफी समय लगता है, जन्म भी होता है तो धीमा और कष्टकारी होता है। मेरा विश्वास है कि भारत में एक नयी व्यवस्था का जन्म हो रहा है जो ध्वस्त हो चुके औपनिवेशिक राज के खंभों पर आधारित न होकर वास्तव में मौलिक रूप से आधुनिक भारतीय व्यवस्था है। जो दुनिया की अन्य व्यवस्थाओं की अंधाधुंध नक़ल नहीं है।”

मार्क टली आगे कहते हैं “अपनी सभी महान उपलब्धियों के वावजूद नेहरू वंश एक बरगद के पेड़ की तरह है जो अपनी छाया में सब कुछ ढक लेता है चाहे वो व्यक्ति हो या विभिन्न भारतीय संस्थाएं। सभी भारतीय यह जानते भी हैं कि बरगद के वृक्ष के नीचे कुछ भी पैदा नहीं होता।”

“समय आ गया है कि हम इस व्यक्ति (मोदी) को और भी सपोर्ट करें”

“भारत में अभी जो भी परिवर्तन होंगे वो धीमे और कष्टकारी होंगे। इसलिए जो इनके बारे में पढ़ते नहीं और सिर्फ धारणा के आधार पर निर्णय करते हैं उन्हें कुछ समय तक यह परिवर्तन दिखाई नहीं देगा। कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो जानबूझ कर सिर्फ कोरी बयानबाजी करेंगे और कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है इसके बहाने गढ़ेंगे। जिस तरह से रेलवे, बिजली, रक्षा उत्पादों और गवर्नेंस में बदलाव आ रहा है और साथ-साथ पुरानी व्यवस्था की शक्तियों में जिस तरह की बेचैनी बढ़ रही है, वो इस बात का सूचक है कि परिवर्तन हो रहा है। धीरे-धीरे लेकिन मज़बूती के साथ।”

वो कहते हैं “हमें दीमक लगे पुराने बरगद के वृक्ष की क्षमता को अभी कमतर नहीं आंकना चाहिए जो अभी भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा कि उसके नीचे कुछ भी पनपने न पाये, चाहे मिट्टी को पलटने के लिये उसे खुद ही धाराशायी क्यों न होना पड़े। पिछले तकरीबन एक साल की तरह हम आगे भी दादरी की तरह की घटनाएं देख सकते हैं। कन्हैया और ओवैसी स्टाइल चिल्लपों भी सुन सकते हैं लेकिन भारतीय समाज ने यदि धैर्य बनाये रखते हुये परिपक्वता का परिचय दिया वो आसानी से ऐसी परिस्थितियों से पार पा लेगा और पुरानी व्यवस्था की शक्तियां स्वयं नष्ट हो जाएंगी। मैं यहां पर ये भी जोड़ना चाहता हूँ कि मीडिया आगे भी ऐसी ख़बरों से हलचल मचाने की कोशिश करेगा जो उन शक्तियों की कुत्सित साजिश है जो कि मोदी सरकार को गिराना चाहती हैं क्यों कि मोदी ने उन्हें उखाड़ फेंका है और उनकी स्थिति ‘जल बिन मछली’ सरीखी हो गयी है।”

मार्क तूली कहते हैं “अब समय आ गया है कि हम इस व्यक्ति मोदी को और भी सपोर्ट करें। अपना भरोसा बनाए रखें। क्योंकि निश्चित्त तौर पर हम एक नए भारत को जरूर देखेंगे, पहले से विशाल, बेहतर, मज़बूत, भ्रष्टाचार मुक्त, शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत… जिसका हर नागरिक एक बेहतर जीवन शैली जी रहा होगा।”

(मनोज कुमार मिश्रा के फेसबुक पेज से साभार)

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