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अब कराची में ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’, देखिए वीडियो

बायीं तस्वीर कराची के सिविल हॉस्पिटल की है, जहां बलोच झंडा लहराया गया। दायीं तस्वीर क्वेटा की है, जहां पर लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे दीवारों पर लिखे हैं।

पाकिस्तान को अब उसकी ही भाषा में जवाब मिलने लगा है। 14 अगस्त यानी पाकिस्तान की आजादी के दिन कराची में जगह-जगह पाकिस्तान मुर्दाबाद और बलूचिस्तान की आजादी के नारे लगे। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कराची के सिविल हॉस्पिटल की छत पर फहरा रहे पाकिस्तानी झंडे की जगह बलोच प्रदर्शनकारियों ने अपना झंडा लहरा दिया। बलूचिस्तान में भी दिन भर भारी विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने बलूचिस्तान की आजादी के लिए दिन भर जगह-जगह सभाएं कीं। कुछ जगहों पर उनकी पाकिस्तानी सेना के साथ झड़पों की भी खबर है। नीचे क्लिक करके आप वो वीडियो देख सकते हैं जिसमें पाकिस्तानी झंडे की जगह प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान का झंडा लहरा दिया।

पीएम मोदी के एक बयान का असर

कश्मीर में हिंसा पर सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पहली बार बलूचिस्तान औऱ पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों का मसला उठाया था। इसके बाद से बलूचिस्तान और पीओके में विरोध-प्रदर्शनों का मानो सिलसिला चल पड़ा है। दुनिया भर में बलूचिस्तान की आजादी के समर्थन में अभियान चलाने वालों ने नरेंद्र मोदी को इसके लिए शुक्रिया कहा और उम्मीद जताई कि भारत का नैतिक समर्थन उन्हें जल्द से जल्द आजादी दिलाने में काफी मददगार साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर हजारों की तादाद में बलूचिस्तानी लोगों ने मोदी के बयान के लिए उनका आभार जताया है।

संबंधित लेख: पाकिस्तान का होने वाला है एक और बंटवारा

दरअसल 11 अगस्त 1947 को बलूचिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता का एलान कर दिया था। लेकिन बंटवारे के दौरान पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान को जबरन गुलाम बना लिया था। तब से बलूचिस्तान भले ही पाकिस्तान का हिस्सा माना जाता रहा हो, लेकिन वहां के लोगों ने इस अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया। पिछले 50-60 साल के संघर्ष में हजारों बलोच लोगों की पाकिस्तानी सेना निर्मम तरीके से हत्या कर चुकी है। इतने बड़े पैमाने पर नरसंहार होने के बावजूद आज तक इस मसले पर दुनिया का ध्यान नहीं गया था।

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