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शाहरुख हमें पता है भारत होता तो आप क्या करते!

शाहरुख ने आईपीएल मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम के सिक्योरिटी गार्ड को कुछ इस अंदाज में धमकाया था। (फाइल तस्वीर)

tarun kumar tarun

शाहरुख खान के दुनिया में करोड़ों प्रशंसक हैं और उनके सुपरस्टार होने के सच से अमेरिका भी वाकिफ है, तो भी वे न्यूयार्क हवाई अड्डे पर बार-बार एमिग्रेशन जांच, तलाशी और रोकटोक के शिकार बन ही जाते हैं। एक बार फिर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी है।

किंग खान आहत हैं और उन्हें आहत होने का हक़ भी है, पर क्या यह सच नहीं है कि वह मुस्लिम आतंकवाद को लेकर दुनिया भर में मुसलमानों के खिलाफ पनपे अविश्वास, शक और हिकारत के शिकार बने हैं? कोई मुस्लिम कितनी ही बड़ी हस्ती क्यों न हो जाए, वह शक के रडार से मुक्त नहीं हो रहा।

सोचिए भारत होता तो क्या होता!

भारत में यह असहिष्णुता का मामला बन जाता,पर अमेरिका की घटना का क्या नाम देंगे? मुस्लिम दहशतगर्दी में मजहब ने जो रोल अदा किया है उससे कई देशों में मुसलमान तबाही के दूत बनकर रह गये हैं। अमेरिका समेत कई मुल्कों के एमिग्रेशन डेटा में खान, अली, मुहम्मद, अहमद समेत सभी मुस्लिम नाम व टायटल फीड हैं। आव्रजन प्रकिया में इन्हें लेकर आटोमेटिक अलर्ट जारी होते हैं। यानी सिस्टम उन्हें देश के लिए खतरे के तौर पर पहले से ही चिन्हित कर बैठा है। यह स्थिति अमेरिका में तब है जब मुस्लिम बैकग्राउंड का कोई व्यक्ति वहां का राष्ट्रपति है, ट्रंप आयेंगे तो क्या हाल होगा ? ऐसी घटना मुस्लिम समाज को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करेगी?

(यह लेख तरुण कुमार तरुण के फेसबुक पेज से लिया गया है)

क्या है पूरा मामला?

दरअसल शाहरुख खान ने ट्विटर पर जानकारी दी थी कि कैसे उन्हें एक बार फिर से अमेरिका के लास एंजिलिस एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि अमेरिकी प्रवक्ता ने बाद में इस चूक के लिए शाहरुख से माफी भी मांग ली। सात साल में यह तीसरी बार है जब शाहरुख खान को किसी एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया है।

वैसे सोशल मीडिया पर शाहरुख को लेकर खूब मज़ाक भी उड़ रहा है। क्योंकि अपने देश में वो सिक्योरिटी वालों को धमकाने और यह कहने के लिए जाने जाते हैं कि यहां बहुत असहिष्णुता है।

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