गुंडागर्दी करने वाले गोरक्षा दल नहीं, कांग्रेस रक्षा दल हैं!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से गोरक्षा के नाम पर ब्लैकमेलिंग और वसूली का धंधा कर रहे नकली गोरक्षकों के खिलाफ बयान दिया है, हिंदू धर्म का धंधा कर रहे कुछ लोग बौखलाए हुए हैं। पिछले 2-3 दिनों में इनमें से कई चेहरे टीवी चैनलों पर दिखाई दे रहे हैं जो पीएम मोदी के खिलाफ जमकर आग उगल रहे हैं। एक सज्जन तो ऐसे भी रहे, जिन्होंने नाग पंचमी के मौके पर मोदी की तस्वीर को दूध पिलाना शुरू कर दिया। सवाल यह है कि ये लोग कौन हैं जिन्हें गाय के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात पसंद नहीं आ रही है।

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती

वैसे तो ये हिंदू धर्म के शंकराचार्य हैं, लेकिन कांग्रेस से इनका काफी याराना है। सोनिया गांधी समेत कांग्रेस पार्टी के तमाम बड़े नेता इनके पास आशीर्वाद लेने पहुंचते रहते हैं। स्वरूपानंद सरस्वती कई बार ऐसे बयान देने की वजह से कुख्यात रहे हैं, जिनसे कांग्रेस पार्टी को फायदा पहुंचता हो। पीएम का बयान आने के बाद तमाम चैनलों पर आकर इन्होंने गोरक्षा के नाम पर मारपीट की जमकर वकालत की। यहां तक कह डाला कि गोरक्षा के नाम पर गली-गली में खुलीं दुकानें अच्छा काम कर रही हैं और केंद्र या राज्य सरकारों को उनके काम में दखलंदाजी देने का कोई अधिकार नहीं है। स्वरूपानंद ने ऊना में गुंडागर्दी का शिकार हुए दलित परिवार पर यह कहते हुए शक जताया कि हो सकता है कि वो सच में गो हत्या का कारोबार करते हों। स्वरूपानंद कहने को शंकराचार्य हैं, लेकिन जाति-पाति की बुराई को दूर करके हिंदू समाज को मजबूत और एक बनाए रखने की उन्होंने कभी कोई कोशिश नहीं की।

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स्वामी चक्रपाणि, हिंदू महासभा

स्वामी जी धार्मिक कामों से ज्यादा पब्सिसिटी स्टंट के लिए जाने जाते हैं। टीवी स्टूडियो में होने वाली फिजूल की बहसों में हिस्सा लेना इनका बड़ा शौक है। इसी के दम पर उनको कुछ लोग पहचानने भी लगे हैं। स्वामी चक्रपाणि हिंदू महासभा के नाम से चल रहे एक दर्जन से ज्यादा संगठनों में से एक के अध्यक्ष हैं। अखिलेश यादव ने यूपी के कैराना में हिंदुओं के पलायन की जांच के लिए जो कमेटी बनाई थी उसमें ये भी शामिल थे। हिंदू महासभा के नाम पर दुकान चलाने वाले इस फर्जी बाबा ने कैराना से लौटकर कहा था कि वहां पर हिंदुओं परिवार बिल्कुल ठीक से रह रहे हैं। चक्रपाणि का कांग्रेस के नेताओं के साथ खूब उठना-बैठना है। कांग्रेस के नेता और हिंदू धर्मगुरु का चोला पहनने वाले प्रमोद कृष्णम के साथ अक्सर दिखाई देते हैं। नकली गोरक्षकों पर मोदी के बयान से इनको भी खूब मिर्ची लगी है। इन्होंने टीवी चैनलों पर कहा कि पीएम मोदी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस के आशीर्वाद पर फल-फूल रहे स्वामीजी ने एक चैनल पर इस बात की भी वकालत कर डाली कि अगर गोरक्षक एक-दो ट्रक गायें पैसे लेकर जाने भी देते हैं तो इसमें ज्यादा बुराई नहीं है। नीचे की तस्वीर देखकर समझा जा सकता है कि स्वामी चक्रपाणि और कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम के  बीच कितने ‘करीबी रिश्ते’ हैं।

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सतीश कुमार, गो रक्षा दल

पंजाब के तमाम इलाकों में गोरक्षा के नाम पर इस आदमी की दहशत है। इसने बाकायदा कमांडो की तर्ज पर गुंडों की फौज तैयार कर रखी है। सतीश कुमार की दहशत इस कदर है कि सही तरीके से अपनी गायों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी मुश्किल है। आरोप है कि गायों की तस्करी करने वाले गिरोहों से ये हर ट्रक के 25 हजार रुपये लेता है। गोरक्षा का नाम होने की वजह से पुलिस अक्सर इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। इसे कांग्रेस के एक स्थानीय नेता का संरक्षण मिले होने की बात भी कही जाती है। गोरक्षा के इस धंधे से ही सतीश कुमार के गिरोह ने करोड़ों की प्रॉपर्टी बना रखी है। मोदी के बयान के बाद सतीश कुमार के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।

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अशोक पांडेय, हिंदू महासभा

हिंदू महासभा के नाम पर चल रही ढेरों दुकानों में से एक के मुखिया ये साहब भी हैं। कहने को हिंदुत्व की राजनीति करते हैं लेकिन जानने वाले उन्हें कांग्रेस का हितैषी बताते हैं। यूपी में कांग्रेस की हालत खस्ता होने की वजह से अलग-अलग समय में अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को समर्थन देते रहे हैं। जब से कांग्रेस ने यूपी चुनाव में ताकत झोंकने का एलान किया है पांडे जी भी एक्टिव हो गए। इन्होंने गोरक्षकों के खिलाफ बयान के बाद पीएम मोदी को आस्तीन का सांप बताते हुए दूध पिलाया।

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मुन्ना कुमार शर्मा, हिंदू महासभा

पश्चिमी यूपी में सक्रिय मुन्ना शर्मा भी पिछले दिनों टीवी पर छाए रहे। गोरक्षकों पर पीएम मोदी के बयान का उन्होंने जोर-शोर से विरोध किया। एक टीवी प्रोग्राम में इन्होंने कहा कि अगर कहीं गोरक्षकों के हाथ से एकाथ हत्या हो जाती है तो कोई बुराई नहीं हैं। इन्हीं के एक पूर्व समर्थक ने न्यूज़लूज़ को बताया कि ‘पंडितजी’ पहले हिंदुत्व की बात करते थे, लेकिन 2-3 महीने पहले से उन्हें कांग्रेस पसंद आने लगी है। हालांकि हम इस जानकारी की पुष्टि तो नहीं कर सकते, लेकिन उनके ही पूर्व समर्थक ने दावा किया कि गोरक्षा के मुद्दे पर पीएम मोदी के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी के बदले में उन्हें काफी पैसे मिले हैं।

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सोशल मीडिया पर पर भी कई लोगों ने यह आशंका जताई है कि जिस तरह से गायों की रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी अचानक बढ़ी है, उससे लगता है कि कहीं न कहीं यह कांग्रेस का ही कोई खेल है।

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