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क्या ये कांग्रेस पार्टी में एक और ‘राजनीतिक हत्या’ है?

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के सीएम पद से हटे कलीखो पुल की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। उनकी लाश इटानगर में सरकारी घर पर पंखे से लटकी मिली। पुल अभी उसी घर में अकेले रह रहे थे जो बतौर मुख्यमंत्री उन्हें मिला था। पहली नजर में इसे खुदकुशी का केस माना जा रहा है। कलीखो पुल कांग्रेस से बगावत कर मुख्यमंत्री बने थे। वो करीब 3 महीने तक अपने पद पर रहे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी। यहां तक कि उन्हें कांग्रेस की नई सरकार को समर्थन भी देना पड़ा था। आरोप लग रहे है कि कांग्रेस पार्टी के हाईकमान ने बीते कुछ दिनों में उनके साथ ठीक बर्ताव नहीं किया, जिसकी वजह से वो डिप्रेशन में चले गए थे।
उधर गृह मंत्रालय के सूत्रों ने माना है कि कलीखो पुल के घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हो सकता है कि डिप्रेशन की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया हो।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सरकारी एजेंसियां कलीखो पुल की मौत के हालात को संदिग्ध मान रही हैं, उनके मुताबिक सच्चाई जानने के लिए पूरी जांच जरूरी है।

कालिखो पुल के समर्थकों ने उनके लिए लाया गया ताबूत जला दिया। उनका आरोप है कि राज्य सरकार एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए घटिया क्वालिटी का ताबूत इस्तेमाल कर रही है। नाराज लोगों ने डिप्टी सीएम समेत कई घरों में भी तोड़फोड़ की।
कालिखो पुल के समर्थकों ने उनके लिए लाया गया ताबूत जला दिया। उनका आरोप है कि राज्य सरकार एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए घटिया क्वालिटी का ताबूत इस्तेमाल कर रही है। नाराज लोगों ने डिप्टी सीएम समेत कई घरों में भी तोड़फोड़ की।

क्या कह रही है कांग्रेस पार्टी?

तकनीकी तौर पर कलीखो पुल कांग्रेस पार्टी के ही नेता थे। ऐसे में सवाल उसी की तरफ उठ रहे हैं। अरुणाचल कांग्रेस के नेता निनॉन्ग एरिंग अजीबोगरीब सी प्रतिक्रिया दी है। एरिंग का कहना है कि हो सकता है कि वो अकेलेपन के शिकार हो गए हों, क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर होता है।

कई लोगों को है साजिश का शक

सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक यह शक जताया जा रहा है कि कलीखो पुल की मौत के पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।

एक और मुख्यमंत्री की भी हुई थी अकाल मौत

इससे पहले 30 अप्रैल 2011 को अरुणाचल के सीएम दोरजी खांडू की अकाल मौत हुई थी। तब तवांग से इटानगर जाते वक्त उनका हेलीकॉप्टर लापता हो गया था। बाद में उनके हेलीकॉप्टर का मलबा जंगलों में मिला था। उस वक्त भी दोरजी की मौत के पीछे साजिश के शक जताए गए थे। हालांकि औपचारिक रूप से इसे खराब मौसम की वजह से हुआ हेलीकॉप्टर हादसा ही माना गया था। अरुणाचल के अलावा दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गज नेताओं की अकाल मौत हो चुकी हैं। इनमें राजेश पायलट, जीतेंद्र प्रसाद और माधव राव सिंधिया जैसे नाम शामिल हैं। अक्सर लोग इन मौतों को किसी साजिश से जोड़कर देखते हैं। हालांकि किसी मामले में साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।

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