Home » Loose Top » इस ‘कृष्ण’ को अपने ‘सुदामा’ के जवाब का इंतजार है!
Loose Top

इस ‘कृष्ण’ को अपने ‘सुदामा’ के जवाब का इंतजार है!

कृष्ण और सुदामा की कहानी आपने जरूर सुनी होगी, लेकिन यह कहानी थोड़ी अलग है। इस कहानी में सुदामा देश का प्रधानमंत्री है और कृष्ण है एक मामूली पुलिस कांस्टेबल। कृष्ण यानी उमेश गोस्वामी भोपाल के कैलाश नगर इलाके में रहते हैं। 56 साल के कैलाश मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं। उन्होंने सुदामा यानी नरेंद्र मोदी को फैक्स भेजकर मिलने की इच्छा जताई है और अब वो जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

26 साल पुरानी है दोस्ती की कहानी

उमेश गोस्वामी बताते हैं कि 1990 में नरेंद्र मोदी 8-10 महीने के लिए भोपाल में रहे थे। तब वो मध्य प्रदेश पुलिस के दफ्तर में एक सीनियर अफसर से मिलने अक्सर आया करते थे। तब उमेश गोस्वामी इसी दफ्तर में तैनात थे। वहां पर उनकी और मोदी की दोस्ती हो गई। तब नरेंद्र मोदी मज़ाक में उमेश गोस्वामी को कृष्ण और खुद को सुदामा कहा करते थे। गोस्वामी उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि हम लोगों को तब उनका पूरा नाम नहीं पता था। हर कोई उन्हें मोदी नाम से पुकारता था। तब वो अक्सर किसी पेड़ के नीचे बैठकर संस्कृत, उर्दू और गुजराती भाषा की किताबें पढ़ते देखे जा सकते थे। ‘चाणक्य नीति’ उनके झोले में हर वक्त होती थी। सागर जिले के रहने वाले गोस्वामी का कहना है कि तब मोदी के साथ जब भी बातचीत होती थी वो कहा करते थे कि जब भी उनके अच्छे दिन आएंगे वो मुझे जरूर याद रखेंगे। दोनों के बीच दोस्ती ऐसी थी कि मोदी अक्सर उनके सरकारी घर पर दाल-बाफले और दाल-बाटी-चूरमा खाने आते थे।

तब पगड़ी बांधा करते थे नरेंद्र मोदी!

गोस्वामी का कहना है कि नरेंद्र मोदी तब ढीले-ढाले कुर्ता-पाजामा के साथ सिर पर एक पगड़ीनुमा बांधा करते थे। उनके पास एक मोटरसाइकिल थी, जिस पर वो आया-जाया करते थे। अक्सर वो पुलिस हेडक्वार्टर के पास के हनुमान मंदिर के सार्वजनिक नल पर ही नहा लिया करते थे। उमेश गोस्वामी का कहना है कि बाद में जब मोदी राजनीति में तरक्की करते गए तो उन्होंने कभी उनसे मिलने की कोशिश नहीं की। लेकिन परिवारवालों के बहुत कहने पर मैंने फैक्स भेजकर मिलने का टाइम मांगा। लेकिन फैक्स भेजे भी अब करीब 8 महीने हो चुके हैं। वो कहते हैं कि आज भी मुझे विश्वास नहीं होता कि कभी मैं नरेंद्र मोदी के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत किया करता था।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!