Loose Top

राहुल गांधी जी, आपकी पुलिस लोगों को ऐसे पीटती है!

कर्नाटक के धारवाड़ में पुलिस ने गांववालों पर अत्याचार की सारी हदें पार कर दीं। यहां धारवाड़ जिले में पानी संकट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे गांववालों पर कर्नाटक पुलिस का कहर टूटा। इसके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिन्हें लेकर लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। यमनूर और अलगवाड़ी नाम के दो गांवों में पुलिस ने घुसकर घरों से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को निकाल-निकालकर मारा है। ये वाकया शुक्रवार का है। चैनल टीवी9 कन्नड़ ने पुलिस के अत्याचार की दिल-दहलाने वाली तस्वीरें दिखाई हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, शायद इसलिए दिल्ली की मीडिया मामले को रफा-दफा करने के मूड में दिख रही है।

किस बात को लेकर है विवाद

पानी संकट से जूझ रहे कर्नाटक के इस इलाके में महादेयी ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद से ही भारी तनाव था। लोग नदी का पानी गोवा के लिए छोड़े जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि कर्नाटक के धारवाड़, बेलगावी, बगलकोट और गडग जिले भयानक सूखे की चपेट में हैं। ऐसे में पानी पर पहला हक़ उनका है। इसी बात को लेकर पिछले कुछ समय से यहां विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। कांग्रेस सरकार वाला राज्य होने की वजह से दिल्ली की मीडिया भारी हिंसा के बावजूद पूरे मामले को तूल नहीं दे रहा है। पुलिस ने बड़ी तादाद में गांव वालों को गिरफ्तार किया है। इन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कुछ लोगों को जब थाने से छोड़ा गया तो वापस जाते हुए भी पुलिस ने उन्हें आगे की तरफ से पैरों पर लाठी मारी। इनमें से कई लोग पैर की हड्डी टूटने की वजह से वहीं पर गिर गए। लाठीचार्ज के कुछ वीडियो इतने खतरनाक हैं कि कमजोर दिल वाले उन्हें न ही देखें तो अच्छा होगा।

उधर, कर्नाटक पुलिस अत्याचार के आरोपों से इनकार कर रही है। उसका कहना है कि गांव वालों ने जब पुलिस पर हमले और सरकारी इमारतों पर तोड़फोड़ शुरू कर दी तो उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन जो वीडियो सामने आ रहे हैं उनसे पुलिस के दावों पर खुद ही सवाल खड़े हो रहे हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या राहुल गांधी कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की पुलिस के हाथों पीटे गए इन निहत्थे गांव वालों को इंसाफ दिलाने के लिए वहां जाएंगे या नहीं?

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

View Results

Loading ... Loading ...