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जानिए क्यों पेट्रोल-डीजल का दाम बहुत कम नहीं हुआ

Courtsey-HT

सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपये देश के खजाने में डाले हैं। जब कच्चे तेल की कीमतें गिर रही थीं, तब केंद्र सरकार ने 9 बार इस पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इससे जो अतिरिक्त कमाई हुई है उसे अब सड़कें, पुल, रेलवे जैसे बुनियादी विकास पर खर्च किया जा रहा है। विपक्ष अक्सर नरेंद्र मोदी सरकार पर इस बात को लेकर हमले बोलता है कि उसने कच्चे तेल में गिरावट का पूरा फायदा आम लोगों को नहीं पहुंचाया। जबकि सच्चाई यही है कि इस अतिरिक्त आमदनी ने मंदी के माहौल में भी देश की इकोनॉमी के लिए टॉनिक का काम किया। देश की अर्थव्यवस्था ठीक रहती है तो इसका फायदा हर किसी को मिलता है।

सरकारी खजाने में आए ज्यादा पैसे

2015-16 में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से पेट्रोल पर 17 हजार करोड़ और डीजल पर 53 करोड़ रुपये एक्स्ट्रा कमाई हुई। कुल मिलाकर यह रकम 70 हजार करोड़ रुपये के करीब बैठती है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है। अगर सरकार एक्साइज ड्यूटी न बढ़ाती तो आज पेट्रोल 11.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 13.47 रुपये प्रति लीटर सस्ता होता।

बहुत सस्ते तेल में समझदारी नहीं

लोगों को कीमतों को लेकर शिकायत हो सकती है, लेकिन अगर पेट्रोल-डीजल के दाम में पूरी कटौती की गई होती तो इसका देश की अर्थव्यवस्था पर बेहद घातक असर पड़ता। दाम बहुत कम होने से पेट्रोल और डीजल की खपत अचानक कई गुना बढ़ने का खतरा था। जिसकी वजह से देश में इसकी किल्लत पैदा हो जाती। पाकिस्तान समेत कई देशों में ऐसा हुआ भी। इन देशों ने तेल के दाम बहुत घटा दिए, जिससे वहां इसकी खपत बढ़ गई। नतीजा लोगों को ब्लैक में दोगुनी-तीनगुनी कीमत पर तेल खरीदना पड़ा। इसके अलावा बढ़ी खपत की वजह से शहरों में प्रदूषण बढ़ना पक्का था।

बढ़ा टैक्स जनता के आता है काम

सरकार को टैक्स से जो आदमनी होती है उसका 42 फीसदी राज्यों को जाता है, जबकि 58 फीसदी केंद्र के पूल में जाता है। मतलब यह कि तेल पर एक्साइज ड्यूटी का फायदा राज्य सरकारों को भी हो रहा है। यह सारी रकम आखिर में आम जनता और देश की भलाई में ही इस्तेमाल होते हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने दामों में पूरी कटौती न करने को घोटाले का नाम भी देने की कोशिश की थी, जबकि सच्चाई यह है कि यह फैसला भले ही पहली नजर में लोगों को पसंद नहीं आ रहा हो, लेकिन लंबे समय में देश की अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा फायदा मिलेगा।

पेट्रोल-डीजल के दाम पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में विस्तार से जानकारी भी दी है। इस भाषण में आप 14 मिनट 40 सेकेंड से लोकसभा में जेटली के भाषण का वो हिस्सा सुन सकते हैं।

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