Loose Top

‘केसर की पौध को अफीम बना रहे हैं कश्मीरी बुजुर्ग’

बुरहान वानी के पिता से सवाल पूछा गया कि कई लड़कों के साथ पुलिस बदसलूकी करती है, सभी तो आतंकवादी नहीं बन जाते। आपका बेटा क्यों आतंकी बना? उनका जवाब बड़ा साफ था। स्कूल प्रिंसिपल मुजफ्फर वानी बोले, ये गैरत की बात है। कोई सहन कर लेता है। जो सहन नहीं करता वो बुरहान की तरह हथियार उठाता है।
15 साल की उम्र में इनका लड़का स्कूल छोड़ कर आतंकवादी बनने चला गया, और 22 साल की उम्र में मार गिराया गया। ये गैरत किसे मुबारक हुई? स्कूल प्रिंसिपल का बेटा आईएएस न बन कर आतंकवादी क्यों बना? मुजफ्फर वानी शायद खुद से सवाल करते हों कि केसर की पौध को अफीम बन जाने से उन्होंने क्यों नहीं रोका।

कश्मीर बदल गया है। पहाड़, झीलें, नदियाँ वही हैं। मगर वो पहले से लोग वहाँ अब नहीं। शायद क्योंकि अब वहाँ पहले से बुज़ुर्ग नहीं। जो बुज़ुर्ग हर किसी के नानी-नाना बन जाते थे, मेहमाननवाज़ी में कहवा और नून चाय के सिलसिले लगा देते थे, जो यह नहीं देखते कि आप कश्मीरी हैं या “इंडियन”, जिनकी निगरानी में कश्मीर में कभी आतंकवाद पनप ही नहीं पाया था। अफ़सोस, एक अलग तालीम और परवरिश आज कश्मीर के बच्चों को मिल रही है। कश्मीर के बच्चों के हाथों से रंगीन गुब्बारे छीन कर पत्थर थमा दिए जा रहे हैं। जिस बचपन के संरक्षक बुज़ुर्ग हैं, वे उस बचपन को दंगों में सबसे आगे खड़ा कर रहे हैं ताकि पुलिस भी प्रत्युत्तर देने से हिचकिचाए।

माँ बाप के फक्र के लिए कश्मीर में बच्चे IIT नहीं, पड़ोसी मुल्क के आतंकवादी शिविर में घुसना चाहते हैं। गीली मिट्टी से जहाँ सुन्दर मूर्ति बननी चाहिए थी, वहाँ नुकीले शूल बनाये जा रहे हैं।

इसलिए मैं कश्मीर के बुज़ुर्गों से नाराज़ हूँ। क्योंकि उन्होंने केसर की पौध को अफीम बनने से नहीं रोका।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

View Results

Loading ... Loading ...