‘शोहदे’ विधायकों की रक्षक है दिल्ली महिला आयोग?

दिल्ली महिला आयोग की चेयरमैन स्वाति मालीवाल के कामकाज के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जैसे-जैसे आम आदमी पार्टी के विधायकों पर छेड़खानी और महिलाओं से बदसलूकी के आरोप बढ़ रहे हैं दिल्ली महिला आयोग का कामकाज भी सवालों के दायरे में आता जा रहा है। विधायकों के खिलाफ अब तक के ज्यादातर मामलों में दिल्ली महिला आयोग की मुखिया स्वाति मालीवाल का रवैया बेहद ढीला-ढाला रहा है। ताजा मामला विधायक दिनेश मोहनिया का है। इस मामले पर दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने उपराज्यपाल से शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि दिल्ली महिला आयोग के चेयरमैन का पद संवैधानिक है, इसलिए वो एक राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह भेदभाव नहीं कर सकती हैं।

छेड़खानी करने वालों पर नरम महिला आयोग?

संगम विहार से विधायक दिनेश मोहनिया पर आरोप लगा कि उन्होंने पानी की मांग लेकर आई महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़खानी की। पुलिस ने महिलाओं की शिकायत पर केस दर्ज किया और मोहनिया को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा गया। इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद दिल्ली महिला आयोग ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। जबकि नियमानुसार दिल्ली महिला आयोग को भी मामले की पड़ताल करनी चाहिए। आयोग ने आरोप लगाने वाली पीड़ित महिला से कोई संपर्क तक नहीं किया। इसी तरह देवली से आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल पर जब छेड़खानी का आरोप लगा तो भी दिल्ली महिला आयोग ने चुप्पी साध ली। इससे पहले सोमनाथ भारती के केस में भी महिला आयोग की भूमिका पर सवाल उठे थे। सोमनाथ भारती पर गंभीर आरोप लगाने वाली उनकी पत्नी ने कहा था कि महिला आयोग की नई अध्यक्ष स्वाति मालीवाल उनका केस दबाना चाहती हैं।

एक और विधायक पर घरेलू हिंसा का केस

इस बीच कोंडली से आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार पर उनकी ही पत्नी ने मारने-पीटने का केस दर्ज कराया था। मनोज की पत्नी का कहना है कि मैं गरीब परिवार की हूं। विधायक बनने के बाद मनोज कुमार ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हालांकि मनोज कुमार की दलील है कि 2 साल पहले ही उनकी पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। मनोज की पत्नी ने महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है, जिस पर इस हफ्ते सोमवार को सुनवाई भी हुई। लेकिन इस मामले में भी इंसाफ को लेकर सवाल बने हुए हैं।

पूर्व मुख्य सचिव को फंसाने की कोशिश की

स्वाति मालीवाल अपनी पार्टी के विधायकों के लिए तो नरमी दिखा रही हैं, लेकिन बाकी मामलों में उनकी सक्रियता देखने लायक होती है। कुछ दिन पहले साउथ दिल्ली के पंचशील क्लब में स्विमिंग पूल में नहाने के दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव ओमेश सहगल (उम्र 70 साल) पर एक महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। जबकि मौके पर मौजूद तमाम लोगों ने देखा था कि दोनों के बीच किसी बात पर कहासुनी हुई थी, लेकिन उसमें छेड़खानी जैसी कोई बात नहीं थी। इसके बावजूद स्वाति मालीवाल ने पर्सनल इंटरेस्ट लेते हुए मीडिया ट्रायल की कोशिश शुरू कर दी थी। खुद इस क्लब की दूसरी महिला सदस्य भी सामने आ चुकी हैं कि सहगल पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

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