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यह खबर सबूत है कि मीडिया में जिहादी भरे पड़े हैं!

कश्मीर में आतंकवादी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से मीडिया में छिपे जिहादी खुलकर बाहर आने लगे हैं। टाइम्स ग्रुप के अखबार बैंगलोर मिरर ने घटना के अगले दिन जो खबर छापी है उसमें आतंकवादियों को “यंग लीडर” (Young Leader) कहा गया है। बैंगलोर के लोगों ने जब यह खबर देखी तो उन्होंने इस पर सख्त ऐतराज जताया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों ने अपना गुस्सा जताया। लेकिन अखबार अपने स्टैंड से टस से मस होने को तैयार नहीं है। यही हेडलाइन अखबार के ऑनलाइन एडिशन में भी पब्लिश की गई। अभी तक अखबार ने इस पर खेद जताने या सफाई देने की कोई जरूरत नहीं समझी।

अखबार के खिलाफ सोशल मीडिया पर गुस्सा

बैंगलोर मिरर की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर जबर्दस्त गुस्सा देखने को मिला। लोगों ने अखबार और इसके पत्रकारों के ट्विटर हैंडल पर टैग करके विरोध जताया। लेकिन ऐसा लग रहा था कि अखबार ने ऐसा गलती से नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत किया है और उसे किसी बात का डर नहीं है।

टाइम्स ग्रुप बार-बार करता है ऐसी हरकत

ये हैरत की बात है कि टाइम्स ग्रुप का ही टीवी चैनल टाइम्स नाऊ आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, दूसरी तरफ इसी ग्रुप के अखबार सीधे-सीधे आतंकवादियों के समर्थन में खड़े हैं। कुछ दिन पहले ही हमने न्यूज़लूज पर आपको बताया था कि कैसे टाइम्स ऑफ इंडिया और नवभारत टाइम्स में आतंकवादियों के लिए सम्मानजनक शब्द इस्तेमाल किए जा रहे हैं। तब टाइम्स ऑफ इंडिया ने आतंकवादियों को बागी कहा था। इसी तरह नवभारत टाइम्स ने आत्मघाती आतंकवादी लिखने की बजाय फिदायीन लिख रहा था। आतंकवादियों की दुनिया में फिदायीन शब्द काफी इज्जत वाला होता है।

यहां पर पढ़ें: ये अखबार आतंकवादियों को बागी और शहीद मानते हैं

टाइम्स ग्रुप के अलावा इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स भी जिहादियों को इज्जत देने के लिए बदनाम रहे हैं। हैरत की बात है कि देश के इन तीन बड़े अखबारों और उनके समूहों की सेहत पर इससे कोई फर्क पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है।

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