केजरीवाल जी किचकिच छोड़ो, किरण बेदी से सीखो!

काम करने वाले और बहाने बनाने वाले में क्या फर्क होता है अगर देखना हो तो किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल को देख सकते हैं। किरण बेदी इन दिनों पुडुच्चेरी की उपराज्यपाल हैं और अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री। दोनों को ही पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल नहीं है। कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद किरण बेदी पुडुचेरी में सभी पार्टियों को एकजुट कर वहां के विकास में जुटी हैं। दूसरी तरफ दिल्ली के सीएम केजरीवाल बेवजह के झगड़ों और झूठे आरोप लगाने में व्यस्त हैं।

ऐसे होती है दोनों नेताओं की सुबह

कभी अन्ना आंदोलन में एक साथ काम कर चुके किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल के ट्विटर एकाउंट पर दिन की शुरुआत बिल्कुल अलग तरीके से होती है। जहां किरण बेदी बेहद पॉजिटिव बातें करती दिखेंगी, वहीं केजरीवाल के दिन की शुरुआत ही देश के प्रधानमंत्री को गाली देने और यह बताने से शुरू होता है कि कोई उन्हें काम नहीं करने देता। नीचे के दोनों ट्वीट्स को देखकर आप इस फर्क को समझ सकते हैं।

नीचे अरविंद केजरीवाल का सुबह-सुबह का ट्वीट देख सकते हैं, जिसमें उन्होंने अपने डिप्टी समनीष सिसोदिया की हां में हां मिलाते हुए केंद्र सरकार को कोसा है। जबकि सच्चाई यही है कि दिल्ली में आम जनता की भलाई से जुड़े कामों को करने से दिल्ली सरकार को कोई रोक नहीं सकता।

सरकार और जनता के बीच कड़ी बनीं

किरण बेदी उपराज्यपाल के तौर पर पुडुचेरी में साफ-सफाई और पर्यटन के विकास के लिए अभियान चला रही हैं। उन्होंने ट्विटर पर #prosperouspuducherry और #swatchbharat अभियान चला रखे हैं। इसमें उन्होंने आम लोगों के साथ-साथ राज्य सरकार के मंत्रियों को भी अपने साथ जोड़ा है उनके साथ वो पुडुचेरी के बीच, सड़कों और गलियों की सफाई के लिए खुद निकलती हैं। किरण बेदी ने हर रोज शाम 5 से 6 बजे का टाइम लोगों से मिलने का तय कर रखा है। इस दौरान कोई भी बिना अप्वाइंटमेंट उनसे मिल सकता है। किरण बेदी के इस स्टाइल का असर है कि पुडुचेरी के आम लोगों के बीच वो काफी लोकप्रिय हो चुकी हैं।

एक तरफ दिल्ली के सीएम केजरीवाल हर विरोधी की टांग खींचते और गाली-गलौज करते नजर आते हैं, वहीं किरण बेदी राजनीतिक तौर पर विरोधी मुख्यमंत्री नारायणसामी की भी तारीफ करती हैं। इसी सकारात्मक तौर-तरीके की वजह से सरकार से उनका कोई टकराव नहीं है।

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किरण बेदी जब पुडुचेरी पहुंची तो वो इस टूरिस्ट प्लेस पर गंदगी का अंबार देखकर दंग रह गई थीं। उन्होंने ऐसे ही एक डंपिंग ग्राउंड को साफ करवाने का अभियान चलाया है। इसकी देखरेख वो खुद कर रही हैं। क्या आपने अरविंद केजरीवाल को कभी दिल्ली में ऐसे काम करते है? (फोटो सौजन्य- Twitter)

केजरीवाल के लिए बहुत बड़ा सबक

दिल्ली चुनाव के वक्त अरविंद केजरीवाल ने अपने हितैषी पत्रकार रवीश कुमार की मदद से किरण बेदी की तुनकमिजाज की इमेज बनवाई थी। जबकि हालत ये है कि आज केजरीवाल की खुद की इमेज गाली-गलौज देने वाले नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति की बन चुकी है और पत्रकार रवीश कुमार एक चिड़चिड़े और पक्षपाती के तौर पर जाने जाते हैं। किरण बेदी के काम करने के इस तरीके से केजरीवाल को सबक लेना चाहिए, क्योंकि इसी रास्ते पर चलकर वो भी दिल्ली का भला कर सकते हैं।

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