मोदी के दिए बड़े असाइनमेंट पर हैं स्मृति ईरानी!

स्मृति ईरानी को मानव संसाधन मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्री बनाने पर भले ही उनके विरोधी जश्न मना रहे हों, लेकिन उनके लिए बहुत अच्छी खबर नहीं है। यूपी चुनाव में बीजेपी का चेहरा बनने या न बनने पर फैसला तो बाद में होगा, उससे पहले कपड़ा मंत्रालय में स्मृति ईरानी को एक बहुत बड़ा काम सौंपा गया है। पीएम मोदी ने टेक्सटाइल सेक्टर में अगले 3 साल में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का टारगेट रखा है। मोदी के इस मिशन को पूरा करने का जिम्मा स्मृति ईरानी पर होगा। यह वो स्कीम होगी जिसके दम पर मोदी 2019 में सत्ता में वापसी का दावा ठोंक सकेंगे।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी स्कीम का जिम्मा

पिछले महीने कैबिनेट की बैठक में टेक्सटाइल सेक्टर की सूरत बदलने के लिए 6000 करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज मंजूर किया गया है। यह रकम कपड़ा उद्योग में नई टेक्नोलॉजी लाने पर खर्च किया जाएगा। ताकि भारत का कपड़ा उद्योग चीन को टक्कर दे सके। इसके तहत उन्हें अगले 3 साल में 1 करोड़ रोजगार पैदा करने हैं। इस सेक्टर में 11 अरब डॉलर का निवेश का लक्ष्य रखा गया है। सरकार मानकर चल रही है कि अगर यह महा-योजना ठीक से अमल में लाई गई तो अगले कुछ साल में भारत हर साल 30 अरब डॉलर के कपड़े विदेशों को बेचेगा।

खेती के बाद सबसे ज्यादा रोजगार कपड़ा उद्योग में

देश में खेती के बाद सबसे ज्यादा लोग कपड़ा उद्योग में काम-धंधा कर रहे हैं। पिछले 25 साल में चीन के कपड़ा उद्योग ने भारत में टेक्सटाइल उद्योग की कमर तोड़ दी। लुधियाना, सूरत, कानपुर जैसी जगहों पर कपड़ा उद्योग आज लगभग तबाह हो चुका है। इसकी बड़ी वजह चीन का कपड़ा उद्योग है। दूसरे देशों ही नहीं, हमारे देश के बाजारों में भी ज्यादातर कपड़ा चीन से बनकर आ रहा है। लेकिन बीते कुछ साल में चीन में मजदूरी बढ़ने से कपड़े पर लागत भी बढ़ी है। इसकी वजह से चीन से आने वाले कपड़े की कीमत काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में भारत के पास मौका है कि वो टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से चीन के कपड़ा उद्योग को कीमत के लिहाज से कड़ी टक्कर दे। भारत की एथेनिक डिजाइन वैसे भी दुनिया भर में मशहूर है।

कारोबार में चीन को पछाड़ने का टारगेट

प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए कपड़ा उद्योग से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। इन यूनिट्स में काम करने वालों को एक हफ्ते में अधिकतम 8 घंटे ओवरटाइम की छूट दी गई है। पीक सीजन की डिमांड पूरी करने के लिए अब टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री को छूट होगी कि वो सीमित समय के लिए भर्तियां कर सके। टेक्सटाइल इंडस्ट्री के छोटे कर्मचारियों के पीएफ का 12% का पूरा कॉन्ट्रिब्यूशन सरकार देगी। ये सारे कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि भारत में बनने वाले कपड़े की लागत कम रहे और इंटरनेशनल मार्केट में भारत का सस्ता कपड़ा चीन को पीछे छोड़ सके।

जाहिर है मोदी का यह असाइनमेंट स्मृति ईरानी ने अगर पूरा कर दिया तो देश की राजनीति में उनका कद कुछ अलग ही होगा। शायद यही उनके विरोधियों को उनकी तरफ से करारा जवाब भी होगा।

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