हिंदू बने गायक येसुदास, परिवार ने खंडन किया

अपनी दैवीय आवाज़ के लिए पूरे देश में मशहूर गायक येसुदास के ईसाई धर्म का त्याग करके सनातन हिंदू धर्म को अपनाने की खबरें हैं। उनकी पत्नी ने इस खबर का खंडन किया है, लेकिन कुछ दूसरे करीबी लोगों ने इस बात की पुष्टि भी की है। येसुदास काफी समय से हिंदू धर्म से प्रभावित थे। उन्होंने मंदिरों में भगवान के लिए कई भजन भी गाए हैं। इसी साल जनवरी में उन्होंने अपना 76वां जन्मदिन मनाया था। इस मौके पर वो चर्च की बजाय केरल के एक मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। इसके बाद से ही अटकलें थीं कि उन्होंने हिंदू धर्म मान लिया है। बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आज येसुदास के हिंदू धर्म में आने के बारे में एक ट्वीट किया है।

चर्च के नियम-कायदों से थे नाराज!

येसुदास के मां-बाप ईसाई धर्म को मानने वाले थे। हालांकि उनके पूर्वज हिंदू धर्म से ही परिवर्तित हुए थे। येसुदास को बचपन से ही चर्च और पादरियों की पोंगापंथी कभी पसंद नहीं आई। जीवन के शुरुआती दौर में वो एक नास्तिक की तरह जीते थे। लेकिन संगीत में सफलता के साथ-साथ भगवान अयप्पा के प्रति उनके मन में श्रद्धा घर करती गई। उन्होंने अयप्पा के लिए कई सुरीले भजन भी गाए हैं। उन्होंने कई मौकों पर यह कहा है कि मेरे अंदर संगीत के लिए प्रेम भगवान अयप्पा के आशीर्वाद से ही है।

हिंदू धर्म से प्रभावित रहे हैं कई कलाकार

संगीतकार ए आर रहमान ने भले ही कम उम्र में मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया था, लेकिन हिंदू धर्म में उनकी काफी श्रद्धा रही है। रहमान के मां-बाप हिंदू ही थे। जिस कमरे में रहमान रियाज करते हैं वहां पर मां सरस्वती की एक प्रतिमा लगी हुई है। पिछले दिनों इस्लाम के बारे में बनी एक फिल्म- मुहम्मद में म्यूजिक देने पर रहमान के खिलाफ मुस्लिम कट्टरपंथियों ने फतवा जारी कर दिया था। (पढ़ें: रहमान ने कहा- भगवान मुझे अपने भक्तों से बचाओ) इसी तरह मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान और जाने-माने सरोदवादक अमजद अली खान भी सरस्वती के उपासक के तौर पर मशहूर रहे हैं।

कई बड़ी हस्तियों ने अपनाया हिंदू धर्म

अमेरिका और यूरोप के कई बड़े कलाकार ईसाई और मुस्लिम धर्म को छोड़कर हिंदू जीवन शैली को अपनाया है। हाल ही में इंडोनेशिया की चीफ जस्टिस इफा सुदेवी ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था। मुसलमान परिवार में पैदा होने के बावजूद बाली बम धमाकों की सुनवाई के दौरान उनके अंदर इस्लाम से अरुचि पैदा हो गई थी।

एक अपील: देश और हिंदुओं के खिलाफ पत्रकारिता के इस दौर में न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , ,