मोदी ने इन तीन ‘साइकिल वालों’ को बनाया है मंत्री

इसे संयोग ही कहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में आज तीन ऐसे मंत्रियों को शामिल किया है जो साइकिल चलाकर संसद पहुंचते हैं। ये मंत्री हैं- अनिल माधव दवे, अर्जुन राम मेघवाल और मनसुख भाई मंडवीय। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं किसी एक दिन साइकिल लेकर निकलते हैं तो उसकी तस्वीरें चैनलों और अखबारों में खूब दिखाई जाती हैं, लेकिन इन तीनों सांसदों की कहानी छिपाकर रखी जाती है। शायद इसलिए क्योंकि ये तीनों दिखावे के लिए नहीं, बल्कि बिना किसी के कहे रोज साइकिल से संसद आते-जाते हैं। इन तीनों सांसदों पर भले ही कभी मीडिया की नज़र न पड़ी हो, लेकिन शायद प्रधानमंत्री मोदी को इनका ये अंदाज पसंद आ गया।

अर्जुन राम मेघवाल, राज्यमंत्री

arjun ram meghwalअनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले मेघवाल बीकानेर से बीजेपी के सांसद हैं। वो आईएएस अफसर रहे हैं। नौकरी से इस्तीफा देकर बीजेपी के टिकट पर 2009 में लोकसभा सांसद बने। 2013 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवॉर्ड भी मिला था। मेघवाल फिलहाल लोकसभा में बीजेपी के मुख सचेतक भी हैं। बीकानेर में रॉबर्ट वाड्रा के जमीन सौदों में धांधली उजागर करने में अर्जुन मेघवाल का बड़ा रोल माना जाता है। मेघवाल भाषण कला में जबर्दस्त माहिर हैं। संसद में तमाम मुद्दों पर पूरी तैयारी के साथ वो बोलते रहे हैं।

अनिल माधव दवे, राज्यमंत्री

anil madhav daveमध्य प्रदेश से तीसरी बार राज्यसभा सांसद बने हैं। दवे मूल रूप से आणंद, गुजरात के रहने वाले हैं और नर्मदा अभियान से पिछले कई दशकों से जुड़े हुए हैं। वो लंबे समय तक संघ के प्रचारक रहे हैं। मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब नर्मदा आंदोलन में अनिल दवे की भाषणकला और काम करने के तरीके से प्रभावित हुए थे। अब तक वो परदे के पीछे रहकर ही काम करते रहे हैं। पिछले 2 विधानसभा चुनावों से प्रचार समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं।

मनसुख भाई मंडवीय, राज्यमंत्री

mansukhbhauमनसुख भाई अब तक गुजरात बीजेपी में महामंत्री थे। 2013 में सौराष्ट्र में बीजेपी के जिलाध्यक्ष रहते हुए उन्हें मोदी के कहने पर ही राज्यसभा भेजा गया था। क्योंकि 2012 में केशुभाई पटेल के जाने के कारण सौराष्ट्र में बीजेपी काफी कमजोर पड़ गई थी। सौराष्ट्र में बीजेपी को उम्मीद से ज्यादा सीटें मिलने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। गुजरात में 2017 में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर पीएम मोदी ने मनसुख भाई मंडवीय को अपने मंत्रिमंडल में लेने का फैसला लिया है।

 

भले ही इन 3 सांसदों की कई ऐसी योग्यताएं हैं जिसके दम पर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली है, लेकिन निश्चित तौर पर इनके सादगी और साइकिल की सवारी के शौक ने सोने पर सुहागा का काम किया है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या मंत्री बनने के बाद भी ये तीनों नेता साइकिल से ही दफ्तर जाते-आते रहेंगे या सरकारी लालबत्ती वाली कार लेंगे।

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