जिंदा रहना है तो कुरान की आयतें याद कर लो काफिरों

Adit Guptaगीता, रामायण तो याद जब मर्जी करते रहना लेकिन कुरान की आयतें जरूर याद कर लो। खुदा न खास्ता कभी शांतिदूतों के बीच फँस गए तो सही सलामत तो निकल जाओगे कुरान की आयते सुना कर। नहीं तो बांग्लादेश में हुए ‘इस्लामिक स्टेट’ के आतंकी हमले में एक भारतीय लड़की तारिशी जैन भी मारी गई है, वैसे तुम भी मारे जाओगे।
जानते हैं तारिशी जैन अपराध क्या था? केवल इतना कि इसे क़ुरान की आयतें याद नहीं थीं।
कुल 40 लोगों को बंधक बनाया गया था। जिसमें 20 लोगों को आयतें ना सुना पाने की वजह से मार डाला गया जिनमें अधिकतर विदेशी (इटली और जापान के) थे, जबकि 18 को इसलिए बाइज़्ज़त घर जाने दिया गया क्योंकि उन्होंने क़ुरान की आयतें सुना दी थीं।
हो गया रमज़ान मुबारक़… आप भी विचार करिये।

बाकी अल्लाह बहुत दयालु हैं!!!

जब भी बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की बात होती हैं, तो हमारे मुस्लिम भाई कहते हैं कि “ये तो दूसरे देशों का मसला है, हमे उनसे क्या लेना देना?”

अच्छा जी, अगर ये दूसरे देशों का मसला है तो फिलिस्तीन के मुसलमानों की बात आते ही तुम लोग क्यों नाचने लगते हो? अमेरिका से लेकर म्यांमार तक मुसलमानों पर हो रहे ‘जुल्म’ का ठेका क्यों उठा लेते हो?

भारत में ही हिंदू लोग यहां मुस्लिम पीड़ितों की लड़ाई लड़ते हैं, जरा कोई मुझे मुस्लिमों के नाम भी बताओ जो कश्मीरी पंडितों के हक़ की लड़ाई लड़ रहा हो?

बात करते है दोगले इंसान!

(अदिति गुप्ता हिस्ट्री चैनल के लिए काम करती हैं। घूमना-फिरना उनका शौक है और वो सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी के पक्ष में बेबाकी से बोलने के लिए जानी जाती हैं।)

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