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वो कुरान नहीं जानती थी, इसलिए गला रेत डाला!

19 साल की तारिशी जैन भी उन 20 लोगों में से थी जिन्हें इस्लामिक आतंकवादियों ने शुक्रवार की रात ढाका के रेस्टोरेंट में बंधक बना रखा था। आतंकवादियों ने तारिशी से कुरान की आयत सुनाने को कहा, जब वो नहीं सुना पाई तो एक दरिंदे ने उसकी गर्दन रेत डाली। तारिषी अमेरिका के बार्कले यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स की स्टूडेंट थी और इंटर्नशिप करने के लिए वो ढाका आई थी। उसके पिता संजीव जैन पिछले कई साल से ढाका में गारमेंट का बिजनेस करते हैं। वैसे तारिषी का परिवार मूल रूप से यूपी में फिरोजाबाद का रहने वाला है।

सोशल मीडिया पर जबरदस्त गुस्सा

जिस तरह से तारिशी की हत्या हुई है उससे लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। आतंकवादी इस्लाम के नाम पर लोगों का खून बहा रहे हैं। वो अल्ला-हू-अकबर चिल्लाते हुए रेस्टोरेंट में घुसे थे और वहां पर जिन लोगों ने कुरान की आयतें पढ़कर सुनाईं उन्हें जाने दिया और जिन्हें ये नहीं आता था उन्हें बर्बर तरीके से मार डाला। सवाल यह है कि क्या इस सबके बावजूद हम कब तक यह कहकर खुद को बहलाते रहेंगे कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।

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तारिषी ने कैलीफोर्निया में अपनी यूनिवर्सिटी के गेट पर ली गई इस तस्वीर को अपना फेसबुक प्रोफाइल फोटो बनाया था।
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