इरफान खान के वो 5 बयान, जिनसे मिर्ची लग गई!

देश के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक इरफान खान ने कुछ ऐसी बातें कह दी है कि दुनिया भर के कठमुल्लों और नकली सेकुलरों को मिर्ची लग गई। हाल के दिनों में यह पहली बार है जब किसी बड़ी मुस्लिम हस्ती ने अपने धर्म की कुरीतियों पर सीधा हमला बोला है। जाहिर है जैसी कि उम्मीद थी तमाम मौलवियों ने इरफान को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। जब आमिर खान ने अपनी फिल्म ‘पीके’ में हिंदू देवी-देवताओं का मज़ाक उड़ाया था तो यही लोग उसे एक कलाकार की आजादी बता रहे थे। हैरत की बात है कि ऐसे लोगों में से कोई भी इरफान के समर्थन में अब तक आगे नहीं आया।

इरफान खान ने क्या कहा?

1. बकरे की कुर्बानी गलत: इरफान का कहना है कि बकरीद पर बकरे की कुर्बानी बंद होनी चाहिए। कुर्बानी तो अपनी सबसे प्यारी चीज की होती है। ये क्या बात हुई कि बाजार से दो बकरे खरीदकर लाए उन्हें काट दिया और कहने लगे कि हमने खुदा की खुशी के लिए इनकी जान ले ली। किसी दूसरे जानवर को मारकर किसी इंसान को कैसे पुण्य मिल सकता है? कुर्बानी तो उस चीज की देते हैं जो आपको सबसे प्रिय होती है।

2. रमजान में भूखे मरना गलत:
इरफान की राय है कि भूखे रहना रोजा नहीं बोता, बल्कि असली मकसद अपने अंदर झांकना है। हमारे यहां जितनी भी परंपराएं और त्योहार हैं हम उनका असली मतलब भूल गए हैं। हमने उनको तमाशा बना दिया है।

3. मुहर्रम को सर्कस बना दिया: इरफान ने कहा कि मुहर्रम एक दुख का मौका होता है। लेकिन कुछ लोगों ने इस मौके को भी सर्कस में बदल दिया है।

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