Loose Top

8 साल तक ईंट ढोकर कॉलेज पहुंच गई ये लड़की

झारखंड में रहने वाली 16 साल की मीरा खोया आखिरकार रांची के एक बड़े कॉलेज तक पहुंच गई। ईंट भट्टे पर ढुलाई का काम करने वाली इस लड़की की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर होते देखी होंगी। मीरा पिछले आठ साल से रांची के पास यह काम कर रही थी। साथ-साथ उसने पढ़ाई भी जारी रखी। पिछले महीने मीरा ने दसवीं का इम्तिहान अच्छे नंबरों से पास किया।

रांची के टॉप कॉलेज में मिला दाखिला

मीरा के लिए 10वीं के बाद आगे पढ़ाई जारी रख पाना लगभग नामुमकिन सा दिख रहा था। लेकिन मीडिया में मीरा की कहानियां देख कर रांची के निर्मला कॉलेज फॉर गर्ल्स ने उसे आगे पढ़ाई जारी रखने का ऑफर दिया है। कॉलेज उसे स्कॉलरशिप और हॉस्टल में रहने की सुविधा भी देगा। मीरा के लिए रांची के इस कॉलेज में दाखिला मिलना किसी सपने के पूरा होने जैसा है। क्योंकि 10वीं का रिजल्ट आने के बाद वो मान बैठी थी कि अब आगे की पढ़ाई असंभव है। हालांकि कॉलेज के अलावा कई आम लोगों ने भी मीरा की कहानी जानने के बाद उसके लिए मदद भेजी थी। उसके बैंक खाते में करीब 3 लाख रुपये हो चुके हैं, जिनसे वो अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ परिवार की मदद भी कर सकेगी।

बेहद मुश्किल हालात में पढ़ाई पूरी की

मीरा जब सिर्फ 4 साल की थी, तो उसके पिता की मौत हो गई थी। गरीबी में जी रहे अपने परिवार की मदद के लिए मीरा ने 8 साल की उम्र में ईंटें ढोने का काम शुरू कर दिया था। वो रोज 12-12 घंटे काम करती थी और जो थोड़ा बहुत वक्त मिलता था, उतने में खुद से पढ़ाई करती थी। मजदूरी से रोज 200 रुपये की आमदनी होती थी। उतने में उसे परिवार का पेट पालने के अलावा अपनी पढ़ाई का खर्च भी निकालना पड़ता था।

पुलिस अफसर बनना चाहती है मीरा

पढ़ाई पूरी करके मीरा पुलिस अफसर बनना चाहती है। उसका कहना है कि पहले मैं डॉक्टर बनने के सपने देखती थी। लेकिन अभी पता चला कि उसमें बहुत पैसों की जरूरत होती है। इसलिए मैं अब पुलिस अफसर बनना चाहती हूं ताकि अपने जैसी दूसरी लड़कियों की मदद कर सकूं।

रांची के निर्मला कॉलेज की प्रिंसिपल ज्योति किसपोटा का कहना है कि हमें मीरा जैसी जुझारू छात्रा को अपने कॉलेज में दाखिला देकर गर्व हो रहा है। हमारी पूरी कोशिश है कि उसकी मेहनत एक दिन रंग लाए और वो अपने मुकाम तक पहुंच सके।

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