केजरीवाल को फिर डरा रहा है संतोष कोली का ‘भूत’!

आम आदमी पार्टी की नेता और अरविंद केजरीवाल की साथी रहीं संतोष कोली की मौत का केस फिर से खुल सकता है। इस मामले में खुद अरविंद केजरीवाल शक के दायरे में हैं। बीजेपी के नेता अब तक इस केस में केजरीवाल पर आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन पहली बार इस केस को खुलवाने की कोशिश शुरू हो रही है। दिल्ली से बीजेपी के सांसद और यूपी के प्रभारी रमेश विधूड़ी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर सीबीआई जांच करवाने की मांग कर सकते हैं। 2013 में संतोष कोली की रहस्यमय हालात में गाजियाबाद में कथित तौर पर हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। खुद संतोष के परिवार वाले अरविंद केजरीवाल पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगा चुके हैं।

क्या है संतोष कोली की मौत का केस?

28 साल की संतोष कोली अरविंद केजरीवाल की बेहद करीबी और खास सहयोगी हुआ करती थी। करीबी इसी बात से समझी जा सकती है कि दिल्ली के सुंदरपुरी इलाके में संतोष कोली के घर केजरीवाल कई-कई दिन तक रहा करते थे। दावा किया जाता है कि 30 जून 2013 को गाजियाबाद के कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास एक सड़क हादसे में वो घायल हो गई। बाइक पर कुल 3 लोग बैठे थे। दो लड़के थे और तीसरी संतोष कोली सबसे पीछे बैठी थी। ऐसा कहा जाता है कि बाइक को पीछे से टक्कर मारकर एक कार भाग गई। हादसे के बाद करीब एक महीने तक अस्पताल में इलाज के बाद संतोष की मौत हो गई।

सड़क हादसे में मौत या जानबूझकर हत्या?

हादसे के बाद ही यह सवाल उठा था, लेकिन तब अरविंद केजरीवाल का सितारा बुलंदियों पर था। दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले थे और उन्हें देशभर से भारी समर्थन भी मिल रहा था। शायद इस वजह से सड़क हादसे की थ्योरी पर सवाल उठाने वालों की बातों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हम आपको बताते हैं वो वजहें जिनसे संतोष कोली की मौत की सुई सीधे-सीधे अरविंद केजरीवाल की तरफ घूम जाती है।

केजरीवाल का पीए चला रहा था बाइक:
केजरीवाल जब भी संतोष और उस सड़क हादसे को याद करते हैं बड़ी सफाई से इस बात का जिक्र तक नहीं करते कि बाइक उनका पीए कुलदीप चला रहा था। कुलदीप अरविंद केजरीवाल का सबसे खासमखास आदमी था। केजरीवाल ने कुलदीप को कभी सामने नहीं आने दिया। कभी उसने सामने आकर नहीं बताया कि आखिर हादसा कैसे हुआ था।

कोई और घायल क्यों नहीं:
बाइक को तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मारी। संतोष कोली बुरी तरह घायल हुई, लेकिन उसी बाइक पर बैठे बाकी दो लोगों को चोट तक नहीं आई। आसपास के इलाके में ढेरों सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन किसी में हादसे की कोई तस्वीर या भागती हुई तेज़ रफ्तार कार नहीं दिखी। केजरीवाल के उन 2 करीबियों के अलावा इस हादसे का कोई चश्मदीद भी सामने नहीं आया। इन हालात को देखते हुए उस वक्त गाजियाबाद पुलिस ने भी हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था। क्योंकि पहली नजर में ही यह हादसे का केस नहीं लग रहा था।

गुड़गांव के अस्पताल में भर्ती क्यों कराया: हादसा गाजियाबाद में हुआ, लेकिन घायल हालत में संतोष कोली को करीब 2 घंटे से भी ज्यादा की दूरी पर गुड़गांव के अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया? जबकि हादसे की जगह से सिर्फ कुछ कदम की दूरी पर मैक्स, यशोदा और दूसरे कई बड़े अस्पताल हैं। अगर उन पर भरोसा नहीं था तो रास्ते में दिल्ली के कई अच्छे अस्पताल भी पड़ते हैं। खुद आम आदमी पार्टी के तब के वॉलेंटियर मानते हैं कि ऐसा किसी साज़िश के तहत किया गया ताकि इलाज में देरी हो या संतोष की मौत रास्ते में ही हो जाए। क्योंकि अस्पताल में संतोष बेहद गंभीर स्थिति में पहुंची थी। उसके शरीर का काफी खून बह चुका था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहां गई: संतोष कोली के इलाज और पोस्टमार्टम के पेपर्स आज तक उसके परिवार को नहीं मिले हैं। उनका आरोप है कि ये सारे कागजात केजरीवाल ने अपने कब्जे में रख लिए थे। यहां तक कि हादसे से जुड़े कई सबूत भी मिटा दिए गए। जिस बाइक से कथित हादसा हुआ था आरोप है कि वो बाइक भी जला दी गई।

केजरीवाल से हुई थी अनबन!:
एनजीओ और इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े सभी लोग जानते हैं कि संतोष कोली सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि केजरीवाल की राजदार भी थी। उन दिनों फोर्ड फाउंडेशन से लेकर कई दूसरे जरियों से केजरीवाल को काफी फंड मिला करता था। संतोष कोली यह सब कुछ जानती थी। कुछ वॉलेंटियर्स यह शक जताते हैं कि किसी बात को लेकर केजरीवाल और संतोष कोली के बीच विवाद भी हुआ था।

संतोष कोली के नाम का सियासी इस्तेमाल: आम तौर पर बिना सोचे-समझे आरोप लगा देने वाले अरविंद केजरीवाल ने संतोष कोली की मौत के लिए कभी कांग्रेस या बीजेपी पर सीधे आरोप नहीं लगाया। लेकिन उन्होंने बड़े ही सफाई से इस मौत का इस्तेमाल किया। कहा जाता है कि उस वक्त अपनी वॉलेंटियर की संदिग्ध हालात में मौत के बावजूद केजरीवाल बिल्कुल भी आक्रामक नहीं हुए थे, क्योंकि शायद उन्हें डर था कि ऐसा करने पर बात खिंच जाएगी और सच्चाई सामने आ जाएगी। केजरीवाल ने कभी भी संतोष कोली की मौत की सीबीआई जांच की मांग नहीं की। इस बारे में उन्होंने इस बारे में यूपी पुलिस पर भी कभी कोई दबाव नहीं बनाया। यहां तक कि दिखावे के लिए भी उन्होंने कभी इस मामले की किसी भी तरह की किसी जांच की मांग नहीं की।

परिवारवालों के साथ की बदसलूकी: संतोष कोली के परिवार वाले केजरीवाल पर बदसलूकी का आरोप भी लगाते हैं। हालांकि केजरीवाल ने संतोष के भाई धर्मेंद्र कोली को 2013 के चुनाव में टिकट देकर विधायक बनवा दिया था। लेकिन बाद में हुए चुनाव में उसका भी टिकट काट दिया। नीचे लिंक पर क्लिक करके आप संतोष कोली की मां की आपबीती सुन सकते हैं।

एक अपील: देश और हिंदुओं के खिलाफ पत्रकारिता के इस दौर में न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , ,