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भारत के खिलाफ नई साज़िश- ‘ड्रग्स जिहाद’

भारत के खिलाफ इस्लामी जिहाद का एक बिल्कुल नया चेहरा सामने आ रहा है। पिछले दिनों पंजाब में पकड़े गए एक पाकिस्तानी तस्कर से पूछताछ में यह बात सामने आ रही है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI अब तक जिहाद के नाम पर आतंकवादी और नकली नोट भारत भेजा करती थी, लेकिन अब उसका फोकस ड्रग्स पर बढ़ रहा है। कम चौकसी वाला बॉर्डर होने की वजह से पाकिस्तान ने सबसे पहले पंजाब से लगी सीमा को टारगेट किया। इसके बाद राजस्थान, गुजरात और जम्मू कश्मीर में भी ड्रग्स का जाल फैलाने की साजिश है।

पकड़े गए पाकिस्तानी तस्कर का खुलासा

11 जून को पंजाब में फजिल्का से लगे बॉर्डर पर बीएसएफ के साथ मुठभेड़ में 2 पाकिस्तानी तस्कर मारे गए थे, जबकि एक को जिंदा पकड़ लिया गया था। रमजान नाम के इस तस्कर से पूछताछ में कई अहम जानकारी हाथ लगी हैं। पिछले दिनों उसे बॉर्डर पर उस जगह पर भी ले जाया गया था जहां से ये तस्कर भारतीय सीमा में घुसा करते थे।

जिहाद के नाम पर भेजते हैं ड्रग्स

रमजान ने बताया कि उसे पैसों का लालच देकर यह काम करने को कहा गया था। ISI के शहजाद नाम के एक हैंडलर ने उसे यह काम सौंपा था। उसके दिलो-दिमाग में यह बात बिठाई गई थी कि सरहद पार के लोग काफिर हैं और उनको किसी भी तरह से कमजोर करने से खुदा खुश होंगे। हैंडलर ने रमजान को यह भी कहा था कि यह ड्रग्स भी जिहाद का ही हिस्सा है और वो भी खुद को जिहादी समझे। अगर भारत की नस्लें कमजोर होगी तभी एक दिन भारत में पाकिस्तान का राज हो जाएगा।

गरीब पाकिस्तानियों का इस्तेमाल

रमजान ने बताया कि पाकिस्तान के भाखर गांव डाकखाना- खुड़ियाँ जिला- कसूर का रहने वाला है। उसके 4 छोटी बेटियां हैं। वह खुद 7 भाई है। उसके पिता का नाम नवाब है। परिवार मेहनत मजदूरी करके ही पेट पालता है। भारत में उसका यह दूसरा चक्कर था। पहली खेप पहुंचाने के बाद उसे पैसे नहीं दिए गए थे और कहा गया था कि दूसरी खेप पहुंचाने के बाद एक साथ पूरी रकम दी जाएगी। इसी लालच में वो दोबारा भारत आया। लगभग यही कहानी उसके बाकी दोनों साथियों शौकत और बफ्फा की है, जो अब बीएसएफ की गोलियों का शिकार हो चुके हैं।

नीचे लिंक पर क्लिक करके पाकिस्तानी स्मगलर का कबूलनामा सुन सकते हैं:

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