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सीपीएम ने अपनी महिला नेता को रुलाकर निकाला

बोलने की आजादी और महिलाओं के अधिकार पर लंबे-लंबे भाषण देने वाले लेफ्ट नेताओं ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है। सीपीएम की सीनियर नेता जगमति सांगवान को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। हरियाणा की कद्दावर वामपंथी नेता जगमति सांगवान ने बंगाल में लेफ्ट और कांग्रेस के गठजोड़ का खुलेआम विरोध किया था। उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में सीपीएम की प्राथमिक सदस्यता से भी निकाल दिया गया है।

कॉमरेडों ने कुचली विरोध की आवाज़

दरअसल दिल्ली में सीपीएम की सेंट्रल कमेटी की 3 दिन की बैठक हो रही थी। जिसमें बंगाल चुनाव में हार की समीक्षा की जा रही थी। इस बैठक में एक प्रस्ताव भी पास किया जाना था। जगमति सांगवान ने कहा कि इस प्रस्ताव में साफ-साफ लिखा जाना चाहिए कि बंगाल चुनाव में कांग्रेस के साथ गठजोड़ पार्टी लाइन का उल्लंघन था। इस बात को लेकर उनकी सीनियर नेताओं से कहासुनी हुई और वो नाराज होकर रोते हुए बैठक से बाहर निकल आईं। बाहर आकर उन्होंने लगभग रोते हुए मीडिया से कहा कि मैंने सेंट्रल कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। बाद में सीपीएम ने अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें पार्टी से ही निकाल दिया।

कांग्रेस के लिए नरम हैं कॉमरेड

जगमति सांगवान को हटाने की घटना ने एक बार फिर उस आरोप को सही साबित किया है कि देश में लेफ्ट पार्टियां कांग्रेस के ही रहमो-करम पर पल रही हैं। इसलिए वो कभी भी ऐसा कोई रुख नहीं अपना पातीं, जिसमें कांग्रेस का अहित छिपा हो। साथ ही यह बात भी साबित हो गई है कि वामपंथी दल भले ही महिलाओं के अधिकार पर राजनीति करते हों, लेकिन खुद उनके अंदर महिलाओं की दोयम दर्जे की हैसियत है।

कौन हैं जगमति सांगवान?

जगमति हरियाणा में खाप पंचायतों के फतवों के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। 30 साल पहले सीपीएम में शामिल होने से पहले वो भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की प्लेयर भी रह चुकी हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा है कि फिलहाल मैं आम आदमी पार्टी में भी नहीं जाऊंगी। क्योंकि वहां भी महिलाओं की स्थिति लेफ्ट से भी बदतर है।

नीचे वीडियो पर क्लिक करके आप देख सकते हैं कि मीटिंग से बाहर आकर रोते हुए क्या कहा जगमति सांगवान ने।

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