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महेश गिरी से बहस की ‘हिम्मत’ करेंगे केजरीवाल?

क्या अरविंद केजरीवाल बीजेपी सांसद महेश गिरी का चैलेंज स्वीकार करेंगे? दिल्ली के लोगों के बीच यह सवाल आज दिन भर चर्चा का विषय रहा। ट्विटर पर भी #WillKejriwalCome ट्रेंड करता रहा। दरअसल 3 दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने सांसद महेश गिरी पर आरोप लगाया था कि वो एनडीएमसी के लॉ ऑफिसर एमएम खान की हत्या में शामिल हैं। इस आरोप पर महेश गिरी ने उन्हें चुनौती दी कि उनके पास जो कुछ भी सबूत हैं उन्हें लेकर वो 19 जून दिन रविवार को दिल्ली के कॉन्सटिट्यूशन क्लब में खुली बहस के लिए आएं।

केजरीवाल ने अब तक जवाब नहीं दिया

केजरीवाल अब तक दूसरों को बहस की चुनौती दे-देकर ही दिल्ली के सीएम की कुर्सी तक पहुंचे हैं। यह पहली बार है जब उन्हें सीधे चुनौती मिली है। पहले जब केजरीवाल के बुलावे पर कोई उनसे बहस के लिए नहीं जाता था तो वो उसे भगोड़ा कहा करते थे। लेकिन हैरानी की बात है कि वो खुद बहस से भागते दिख रहे हैं। यहां तक कि उनकी पार्टी के नेता भी बहस के बारे में पूछे गए सवालों पर बगलें झांकते दिख रहे हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि अरविंद केजरीवाल अपने कुछ लोगों को भेजकर कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाले कार्यक्रम में हंगामा मचवा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर डिबेट की है चर्चा

फेसबुक और ट्विटर पर लोग इस बारे में बात कर रहे हैं। कई लोगों को लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल कुछ न कुछ ऐसा जरूर करेंगे ताकि इस मामले में हो रही उनकी फजीहत कुछ कम हो सके। फिलहाल अगर वो नहीं आते हैं तो महेश गिरी पहले ही कह चुके हैं कि ऐसी स्थिति में वो खुद उनके घर के बाहर जाकर बहस के लिए चुनौती देंगे।

कभी महेश गिरी ने की थी केजरीवाल की मदद

अरविंद केजरीवाल ने अब भले ही महेश गिरी पर बिना किसी सबूत हत्या के आरोप लगा दिए, लेकिन एक जमाना था जब अरविंद केजरीवाल मदद मांगने महेश गिरी के पास गए थे। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के दिनों में अरविंद केजरीवाल को ज्यादा लोग नहीं जानते थे। तब महेश गिरी श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े होने की वजह से दिल्ली के तमाम इलाकों में जाना-पहचाना चेहरा थे। महेश गिरी की मदद से ही उन्होंने दिल्ली में वॉलेंटियर्स की फौज खड़ी की थी।


केजरीवाल के आरोपों पर महेश गिरी ने दिल्ली की जनता को खुला पत्र लिखा है:

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