चेतन चौहान नहीं तो क्या केजरीवाल को बनाएं चेयरमैन

 

धर्मेंद्र के सिंह दिल्ली खेल पत्रकार हैं और दिल्ली के एक बड़े मीडिया समूह से जुड़े हुए हैं।

पत्रकार धर्मेंद्र के सिंह के फेसबुक पेज से साभार

अरविंद केजरीवाल का पत्रकार दोस्त न्यूजपेपर में लिखता है और केजरीवाल उसे ट्वीट कर किसी भी विवाद को हवा देते हैं। मोदी विरोधियों की पेशेवर फौज सोशल मीडिया पर हल्ला बोल देती है। बिना यह सोचे-समझे कि आरोप किस पर लगाए जा रहे हैं। चेतन चौहान से पहले कौन से लोग थे जो NIFT के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे? क्या वो देश के बहुत बड़े फैशन डिजाइनर थे? जिस तरह के तर्क दिए जा रहे हैं उसके हिसाब से तो बिना मंत्रालय वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल को NIFT का चेयरमैन बना दो। सारा विवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। केजरीवाल साहब तो फैशन और एक्टिंग की दुनिया के बेताज बादशाह हैं ही। एक ही रंग का स्वेटर, मफलर, लंबी शर्ट और चप्पल से पूरी दुनिया का ध्यान खींच चुके हैं।

चेतन चौहान को लेकर बेवजह विवाद

नया विवाद चेतन चौहान का NIFT का चेयरमैन बनाने को लेकर है। जो लोग चेतन चौहान की काबिलियत पर सवाल उठा रहे हैं उनको एक बार उनकी प्रोफाइल को चेक करना चाहिए। भारतीय टीम में उनको जगह गांधी परिवार की मेहरबानी से नहीं मिली थी। 23 साल तक बैंक की नौकरी जो की वो भी उन्हें किसी की सिफारिश से नहीं मिली थी। सालों से डीडीसीए में है मगर आज तक भ्रष्टाचार का का छींटा उनके दामन पर नहीं पड़ा। पब्लिक लाइफ में चार दशक से भी ज्यादा का अनुभव रहा है। आज भी पूर्वी दिल्ली की एक मिडिल क्लास हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं और बिना किसी शानो-शौकत के आम आदमी की जिंदगी जीते हैं।

कपड़ा मंत्री बनते तो क्या होता?

जो लोग ये कह रहे हैं कि निफ्ट से उनके प्रोफाइल का कोई वास्ता नहीं, पहले वो ये जानें की चेयरमैन का काम क्या होता है? निफ्ट कपड़ा मंत्रालय के अंडर आता है और अगर इन्हीं चेतन चौहान को जो कि दो बार सांसद रह चुके है, को कपड़ा मंत्री बना देते तो कोई बवाल नहीं होता। ये पूरा विवाद एक प्लानिंग के तहत खड़ा किया गया है। कांग्रेस और केजरीवाल मिलजुल कर उन्हें इसलिए टारगेट कर रहे हैं क्योंकि चेतन चौहान अरुण जेटली के नजदीकी माने जाते हैं। डीडीसीए विवाद में केजरीवाल अरुण जेटली का बाल भी बांका इसलिए नहीं कर पाए क्योंकि चेतन चौहान जैसे ईमानदार शख्स वहां पर थे। इतने दिन हो गए लेकिन चेतन चौहान के खिलाफ एक भी सबूत अरविंद केजरीवाल सामने नहीं ला सके हैं। चेतन चौहान को निफ्ट का चेयरमैन 10 दिन पहले बनाया गया मगर विवाद अब खड़ा किया गया, क्या जनता को यह बात समझ में नहीं आ रही।

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