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बिहार में अपराधी सरेंडर होते हैं, अरेस्ट नहीं!

बिहार में पिछले कुछ महीनों में हाईप्रोफाइल अपराधियों का चोर-पुलिस का खेल खूब जोरशोर से चल रहा है। नेताओं और दूसरे लोगों पर बड़े अपराध के आरोप लगते हैं, जिसके बाद वो फरार हो जाते हैं। बिहार पुलिस कई दिनों तक उन्हें ढूंढती रहती है, लेकिन वो कहीं नहीं मिलते। एक दिन अचानक वो अपराधी मीडिया के कैमरों के सामने सरेंडर करता है। खुद को बेगुनाह और मासूम बताता है। उसके बाद नीतीश कुमार की पुलिस पूरे सम्मान के साथ उसे जेल ले जाती है। एक लिस्ट उन दिग्गजों की, जिन्हें नीतीश कुमार की पुलिस नहीं पकड़ पाई।

26bhrushasinha1. लालकेश्वर प्रसाद, ऊषा सिन्हा: पतिदेव लालकेश्वर बाबू ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन बिहार बोर्ड के चेयरमैन के पद पर थे। बिहार में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का काफी क्रेडिट इन्हीं को जाता है। पत्नी ऊषा सिन्हा भी काफी टैलेंटेड हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की विधायक रही हैं। कागजों के मुताबिक इन्होंने आठ साल की उम्र में ही 10वीं की परीक्षा पास कर ली थी। ऐसा तभी हो सकता है जब उन्होंने पैदा होने से 2-3 साल पहले ही पढ़ाई शुरू कर दी हो। इतना ही नहीं 1976 में अवध यूनिवर्सिटी से इन्होंने एमए पास कर लिया। ये यूनिवर्सिटी खुली ही 1975 में थी, तो सवाल है कि मैडम ने 2 साल का कोर्स 1 साल में कैसे कर लिया। ऊषा देवी ने सिर्फ 23 साल की उम्र में पीएचडी कर लिया था और बहुत शान से अपने नाम के आगे डॉ. ऊषा सिन्हा लिखा करती थीं। वो और उनके पति लालकेश्वर ने बरसों तक नीतीश कुमार और उनकी पार्टी की बहुत सेवा की। लेकिन आजकल दोनों फरार हैं। बिहार पुलिस से गिरफ्तारी की उम्मीद करना बेकार है, ज्यादा चांस है कि जब फरार रहने से दिल भर जाएगा तो खुद ही किसी दिन दोनों मियां-बीवी सरेंडर कर देंगे और कोर्ट-कानून में पूरी आस्था प्रकट करेंगे।

bachcha rai2. अमित कुमार उर्फ बच्चा राय: मां-बाप ने अमित कुमार नाम रखा था, लेकिन दुनिया में बच्चा राय नाम से ही मशहूर हुए। बिहार और दूसरे कई राज्यों के फिसड्डी से फिसड्डी बच्चों के लिए बच्चा राय किसी भगवान से कम नहीं थे। एक पक्की रेट लिस्ट तय कर रखी थी और बिना इम्तिहान में बैठे किसी को पास करवा सकते थे। कहा जाता है कि बच्चा यादव आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को अपने बाप की तरह मानते थे। टॉपर घोटाला सामने आने के बाद बच्चा राय फरार हो गए थे। एक दिन खुद ही अपने स्कूल के बाहर प्रकट हो गए। पुलिस दावा करती है कि उसने गिरफ्तार किया है, लेकिन बच्चा राय का कहना है कि मैंने तो सरेंडर किया है। बच्चा राय ने भी सरेंडर करते ही देश के संविधान और अदालतों में पूरी आस्था प्रकट कर दी।

laddan3. अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां: पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या का आरोप इन्हीं पर है। पेशे से शूटर हैं। लालू यादव की पार्टी के जेल में बंद नेता शहाबुद्दीन के लिए गोली चलाने का काम करते हैं। पत्रकार की हत्या के बाद बिहार पुलिस काफी दिनों तक इनकी तलाश करती रही। लेकिन एक दिन लड्डन मियां अचानक मानो टहलते हुए सीवान की कोर्ट में जाकर सरेंडर कर दिया। नीतीश कुमार ने उनके सरेंडर करने पर पुलिस की तारीफ की थी कि वो बहुत अच्छा काम कर रही है।

 

rocky4. मनोरमा देवी, रॉकी यादव: बेटे ने पहले बीच सड़क पर आदित्य सचदेवा नाम के एक लड़के की हत्या कर दी। उसके बाद वो फरार हो गए। इस दौरान वो बिहार से लेकर दिल्ली तक आते-जाते रहे लेकिन पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पाई। एक दिन अचानक पुलिस के आगे सरेंडर कर दिया। फिलहाल बिहार में गया की जेल में बड़े आराम से रह रहे हैं। आरोप तो यह भी है कि जेल में रहकर भी वो फेसबुक पर एक्टिव हैं। बेटा गिरफ्तार हुआ तो फिर बारी मां मनोरमा की आ गई। माता जी भी कई दिन गायब रहीं। जब प्रकट हुईं तो बयान दिया कि वो सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही थीं, इसलिए उन्हें साजिश के तहत टारगेट किया जा रहा है।

 

rajvallabh5. राजवल्लभ यादव: लालू यादव की पार्टी के विधायक राजवल्लभ प्रसाद यादव के खिलाफ एक नाबालिग दलित बच्ची से रेप का आरोप है। पुलिस में मामला पहुंचने से पहले ही विधायक जी फरार हो गए। करीब एक महीने तक बिहार पुलिस इन्हें ढूंढती रही। लेकिन ये हाथ न आए। एक दिन अचानक सरेंडर कर दिया। तब से अब तक जेल में हैं। विरोधियों का आरोप है कि राजवल्लभ को लालू यादव का करीबी होने का भरपूर फायदा मिल रहा है। जेल में उनके ऐशो-आराम के पूरे इंतजाम हैं। वहीं से पीड़ित लड़की के परिवार को धमकियां दिलवाते हैं कि केस वापस ले लो, वरना जिंदा नहीं बचोगे।

 

sarfaraz alam6. सरफराज आलम: नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के विधायक हैं। चुनाव जीतने के साथ सबसे पहले इन्हीं के सिर पर सत्ता का नशा चढ़ा था। इन पर राजधानी एक्सप्रेस में एक दंपति के साथ बदसलूकी करने और बेटिकट यात्रा करने का आरोप है। आरोप लगने के बाद ये भी फरार हो गए थे और एक दिन यह कहते हुए आत्मसमर्पण कर दिया कि उन पर सारे आरोप झूठे हैं और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं।

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