अखिलेश की राजनीति ने कैराना को कश्मीर बना दिया

यूपी के मुजफ्फरनगर के पास कैराना इलाके में मुसलमानों के आतंक से घर-बार छोड़कर भाग रहे हिंदुओं के दर्द को ट्विटर पर जगह मिली है। अब तक ज्यादातर टीवी चैनल और अखबार सेकुलरिज्म के नाम पर इस मुद्दे पर मुंह बंद रखे हुए हैं। आज मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर नोटिस लेते हुए उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को नोटिस भेजा है। जिसके बाद ट्विटर पर मानो लोगों का गुस्सा उबल पड़ा। लोगों की नाराजगी इस बात से है कि छोटी-छोटी बात पर पूरे देश में हंगामा मचा देने वाली मीडिया इतनी बड़ी तादाद में हिंदुओं के पलायन पर चुप्पी क्यों साधे हुए है? हम आपको बता दें कि कैराना में 92 फीसदी आबादी मुसलमानों की है, जबकि हिंदू सिर्फ 8 परसेंट हैं। बीते कुछ सालों में यहां मुसलानों की आबादी काफी तेज़ी से बढ़ी है।

सोशल मीडिया बना जुल्म के खिलाफ आवाज़ का जरिया

हिंदुओं से जुड़ा मुद्दा होने की वजह से जब मीडिया ने धोखा दे दिया तो लोगों ने ट्विटर और फेसबुक पर आवाज बुलंद की है। ट्विटर पर आज शाम से #StopHinduExodus ट्रेंड कर रहा है।


मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस

आयोग ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन और डीजीपी जावेद अहमद को भेजे नोटिस में हालात की पूरी जानकारी मांगी है। आयोग ने अलग से अपना जांच अधिकारी भी भेजने की बात कही है।

दहशत में जी रहे हैं हिंदू परिवार

कैराना यूपी के शामली जिले में पड़ता है। यहां पर 3 साल पहले हिंदू-मुसलमान दंगे भड़के थे। दंगों के बाद भी कस्बे के हिंदू परिवारों पर अत्याचार जारी रहे। यहां पर हिंदुओं को दुकान खोलने के बादले मुसलमानों के गिरोहों को पैसे देने पड़ते हैं और जिन लोगों ने पैसे देने से मना किया उन्हें गोली मार दी गई।

बीजेपी सांसद हुकुमदेव सिंह ने उठाया मुद्दा

यह पूरा मामला पहली बार मीडिया की नज़र में तब आया जब कैराना के बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि कैराना में हालात कश्मीर जैसे हो चुके हैं। उन्होंने 350 से ज्यादा हिंदू परिवारों की लिस्ट भी जारी की, जो मुसलमानों के डर से घर-बार छोड़कर भाग चुके हैं। कई लोगों ने अपने बड़े-बड़े घर कौड़ियों के दाम पर मुसलमानों को बेच दिया। जबकि कई घरों पर गुंडों ने कब्जा कर लिया। हुकुम सिंह ने बताया कि कैसे यहां दो हिंदू सगे भाइयों की हत्या हुई थी। जब परिवार ने लोकल थाने में एफआईआर लिखाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। यह बात भी सामने आ रही है कि मुस्लिम गुंडों को राज्य की अखिलेश यादव सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। इस सारे मामले में समाजवादी पार्टी के नेता नाहिद हसन का हाथ होने की बात भी सामने आ रही है।


सदियों पुराना है कैराना का इतिहास

कहा जाता है कि महाभारत काल में कर्ण का जन्म कैराना में ही हुआ था। यहां का नाम कर्ण के नाम पर ही पड़ा है। किसी जमाने में कैराना शास्त्रीय संगीत के मशहूर घराने के तौर पर जाना जाता था। लेकिन ऐतिहासिक महत्व वाले इस शहर में आतंक और रंगदारी की वजह से हिंदुओं को घरबार छोड़ना पड़ रहा है।

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