प्रियंका चोपड़ा की नानी को लेकर सवालों में चर्च

एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा की नानी को दफनाने के लिए जगह न देने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ऐसी खबर आई थी कि केरल के चर्च ने ये कहते हुए ईसाई कब्रिस्तान में जगह देने से मना कर दिया था कि उन्होंने एक हिंदू से शादी की थी। मामला मीडिया में आने पर कोट्टयम के बिशप थॉमस थिमॉथस को सफाई देनी पड़ी है। उन्होंने माना कि ऐसा करके चर्च ने गलती की है।


ईसाई कब्रिस्तान में क्यों नहीं दी जगह?

केरल में कोट्टायम के एक चर्च ने प्रियंका चोपड़ा की नानी मधु ज्योत्सना अखौरी को दफनाने से इनकार कर दिया था। प्रियंका की नानी का हाल ही में निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में खुद प्रियंका भी पहुंची थीं।
हिंदू से शादी करने पर हुआ भेदभाव

प्रियंका चोपड़ा की नानी मधु ज्योत्सना अखौरी (मैरी जॉन) ईसाई थीं और वो चाहती थीं कि उन्हें उनके होमटाउन कुमारकोम के सेंट जॉन चर्च में दफनाया जाए। निधन के बाद जब परिवार वालों ने जगह मांगी तो चर्च प्रशासन ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। चर्च का कहना था कि प्रियंका की नानी ने हिंदू से शादी की है। इसलिए उन्हें जगह नहीं मिलेगी। चर्च के प्रवक्ता का कहना था कि उन्होंने चर्च से अपने संबंधों को खत्म कर लिया था और शादी के बाद उन्होंने हिंदू की तरह जिंदगी बिताया। ऐसी स्थिति में उन्होंने चर्च में दफ्न होने का हक़ गंवा दिया है।

चर्च के कदम से नाराज़ प्रियंका चोपड़ा

इस बारे में जब प्रियंका से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चर्च का कदम बिल्कुल गलत है। लेकिन हम अब उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हमें ज्यादा दुख इस बात का है कि हमने अपने परिवार के एक सदस्य को खो दिया है।

करुणा नहीं कट्टरपंथ के सहारे भारतीय ईसाई

इससे पहले भी दिल्ली में ईसाईयों द्वारा चलाये जाने वाले सेंट स्टीफेंस कॉलेज ने प्रिंसिपल के पद के लिए अखबारों में विज्ञापन दिया था, जिसके मुताबिक उम्मीदवार को पढ़ा-लिखा होने के साथ-साथ ईसाई, और वो भी कोई ऐसा-वैसा ईसाई नहीं, बल्कि CNI (चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया), CSI (चर्च ऑफ साउथ इंडिया), मारथोमा सीरियन चर्च का आदमी होना चाहिए। मतलब धर्मांतरण करके ईसाई बना शख्स भी प्रिंसिपल बनने के काबिल नहीं।

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