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सरकार ने कहा- मोदी को चमचों की जरूरत नहीं

सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी का बड़बोलापन जल्द ही उन्हें ले डूबेगा। पहलाज ने कल पूरे विवाद में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर बीजेपी और सरकार के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी थी। उन्होंने एक चैनल से बातचीत में कहा था कि ‘हां मैं नरेंद्र मोदी का चमचा हूं और मुझे इस पर फख्र है।’ सरकार में इस बयान को लेकर भारी नाराजगी है। सूत्रों के मुताबिक अब पहलाज के गिने-चुने दिन ही सेंसर बोर्ड में बचे हैं।

पहलाज निहलानी से नाराज़ है सरकार

संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि प्रधानमंत्री को किसी चमचे की जरूरत नहीं है। प्रसाद एक अखबार के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि “मोदीजी खुद को देश का प्रधान सेवक कहते हैं और किसी सेवक का कोई चमचा नहीं होता। बेहतर होता कि सेंसर बोर्ड के प्रमुख शब्दों के चयन में थोड़ी सावधानी बरतते।”

अरुण जेटली ने दिए छुट्टी के संकेत

सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने आज सुबह ही साफ इशारा कर दिया था कि सेंसर बोर्ड अपने मौजूदा रूप में नहीं रहेगा। खास तौर पर सेंसर प्रमुख के तौर पर पहलाज निहलानी के कदमों और बयानों से सरकार नाखुश है। इसे देखते हुए बोर्ड के ढांचे में बड़े बदलाव लागू किए जाएंगे। मशहूर फिल्मकार श्याम बेनेगल की कमेटी ने इस बारे में सरकार को एक सिफारिश पहले ही सौंप रखी है। उम्मीद है कि इस आधार पर फिल्म सर्टिफिकेशन के तरीके में बदलाव होंगे।

पहले भी कर चुके हैं बड़बोलापन

पहलाज निहलानी की हरकतों से सरकार लंबे समय से नाखुश चल रही है। जेम्स बॉन्ड के किस की लंबाई करने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि वो अपना रवैया बदलेंगे। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। कुछ दिन पहले निहलानी ने मोदी की तारीफ में चमचागीरी से भरा एक म्यूजिक वीडियो जारी किया था। बताया जाता है कि इसके बाद खुद प्रधानमंत्री ने उन्हें ऐसा न करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल सरकार उनकी छुट्टी के लिए सही मुहूर्त की तलाश में है। क्योंकि अगर अभी उन्हें पद से हटाया गया तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के लोग इसे अपनी जीत के तौर पर दिखाने लगेंगे।

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निहलानी को कोर्ट से भी फटकार

निहलानी को आज बॉम्बे हाईकोर्ट से भी फटकार लगी। फिल्म उड़ता पंजाब के मामले में सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि कानून के मुताबिक CBFC का काम केवल सर्टिफिकेट देना है न कि फिल्म को सेंसर करना। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म में 89 कट्स लगाने और नाम में से पंजाब शब्द हटाने का फरमान जारी कर दिया था।

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