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राहुल की ताजपोशी के साथ ही टूट सकती है कांग्रेस!

राहुल गांधी की ताजपोशी से पहले कांग्रेस एक बड़ी टूट की तरफ बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के अंदर इन दिनों जबर्दस्त खलबली मची हुई है। कई बड़े नेताओं को लग रहा है कि राहुल गांधी का इस वक्त अध्यक्ष बनना आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। क्योंकि राहुल गांधी में ये चमत्कार नहीं है कि वो कांग्रेस पार्टी को इस मुश्किल से उबार सकें। यह गुट चाहता है कि या तो सोनिया गांधी ही अध्यक्ष बनी रहें या फिर प्रियंका गांधी को आगे लाया जाए।

यूपी कांग्रेस में उभर रही है बड़ी दरार

कांग्रेस के आगे सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश साबित होने जा रहा है। यहां से पार्टी ने कपिल सिब्बल को राज्यसभा का टिकट दिया है। लेकिन राज्य में कांग्रेस के कई विधायक सिब्बल को किसी भी हालत में वोट देने को तैयार नहीं हैं। हालत ये हो गई कि प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री को लखनऊ पहुंचकर विधायकों से बात करनी पड़ी। मिस्त्री ने विधायकों से वादा किया है कि विधानसभा चुनाव में उनके टिकट नहीं कटेंगे। कई विधायक इसके बावजूद तैयार नहीं हैं। कांग्रेस इस बात को अच्छी तरह समझ रही है कि ये वो विधायक हैं जो मुश्किल दौर में भी जीतकर आए थे। अगर ये पार्टी छोड़ते हैं तो यूपी में कांग्रेस का डब्बा गोल हो सकता है। कांग्रेस हाईकमान को मिली रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में कांग्रेस के कई बड़े नेता ऐन चुनाव के वक्त पार्टी छोड़ सकते हैं।

बाकी राज्यों में भी कांग्रेस में भगदड़

  • पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस के कुछ और दिग्गजों के अकाली दल, बीजेपी या आम आदमी पार्टी में जाने की बातें सुनाई दे रही हैं।
  • उत्तराखंड में कांग्रेस के विधायकों की बगावत के बाद सरकार बड़ी मुश्किल से बची है। यहां फिर से विधायकों की नाराजगी की खबरें आ रही हैं। यहां तक कि प्रदेश अध्य़क्ष किशोर उपाध्याय को कहना पड़ा कि उनकी नहीं सुनी जा रही है।
  • उधर मुंबई कांग्रेस के दिग्गज गुरुदास कामत के इस्तीफे के बाद पार्टी में उठापटक चल रही है। बीएमसी के चुनाव से ठीक पहले मचा ये कोहराम पार्टी को बहुत भारी पड़ सकता है।
  • पिछले ही हफ्ते त्रिपुरा में कांग्रेस के 6 विधायक तृणमूल कांग्रेस में चले गए। इससे कांग्रेस का मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा भी छिन गया।
  • पूर्वोत्तर में ही असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में पहले ही कांग्रेस या तो टूट चुकी है या टूटने की कगार पर है।

राहुल के लिए राजी नहीं कई बड़े नेता

कांग्रेस के क्षेत्रीय क्षत्रपों में यह भावना गहराती जा रही है कि दिल्ली में बैठने वाले कुछ चापलूस नेता बार-बार राहुल गांधी का नाम लेकर अपने नंबर बढ़ाने की कोशिश करते हैं। राहुल गांधी से इस मुश्किल दौर में पार्टी को संभालने की उम्मीद करना बेवकूफी होगी। ऐसे कई बड़े नेता आपस में एक-दूसरे से संपर्क में हैं और वार के लिए सही मौके की तलाश में हैं। कुछ ने सीधे सोनिया गांधी तक भी अपना संदेश पहुंचवाया है कि राहुल गांधी की ताजपोशी में उनकी रजामंदी नहीं है। ऐसे में अगर कांग्रेस इन नेताओं को नजरअंदाज करते हुए राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाती है तो कांग्रेस का टूटकर कई टुकड़े में बिखर जाना पक्का है। हो सकता है कि यह महीने भर के अंदर ही हो जाए।

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