मॉनसून कहीं इस साल भी धोखा तो नहीं देगा!

Photo Courtesy: Skymet

तय समय के मुताबिक आज 1 जून को मॉनसून केरल पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन अब तक इसका कोई अता-पता नहीं है। मॉनसून की इस लेट-लतीफी ने लोगों के मन में डर डाल दिया है कि कहीं इस साल भी धोखा तो नहीं होने वाला है। मौसम विभाग अब तक कहता रहा है कि इस साल औसत से बेहतर बारिश होनी है। लेकिन जो लक्षण हैं वो डराने वाले हैं।

क्यों लेट हो गई मॉनसून की गाड़ी?

मौसम विभाग के मुताबिक अब तय समय से 7 दिन देरी से यानी 7 जून को मॉनसून केरल में तट तक पहुंचेगा। लेकिन मौसम विभाग के अधिकारी इस बात को बहुत भरोसे के साथ नहीं कह पा रहे हैं। वजह ये कि 19 मई को बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान रोनू ने मॉनसूनी हवाओं को भटका दिया है। इसी तूफान की वजह से देश की पश्चिमी इलाके खास तौर पर राजस्थान में इन दिनों भयानक गर्मी पड़ रही है। कई जगहों पर इसी की वजह से पारा 50 डिग्री के इर्दगिर्द चल रहा है।

अभी उत्तर भारत में बारिश क्यों?

पहाड़ों और उत्तर भारत के तमाम मैदानी इलाकों में बीते 8-10 दिन में कई बार तेज़ हवाओं के साथ बारिश हो चुकी है। ये बारिश भी तूफान रोनू के ही असर से हो रही है। फिलहाल यह असर कमजोर पड़ चुका है और आगे इसके असर से मैदानों में बारिश की कम ही उम्मीद है।

अभी कहां तक पहुंचा है मॉनसून?

मौसम विभाग के आज के अपडेट के मुताबिक मॉनसून अंडमान निकोबार तक पहुंच चुका है। यहां तक पहुंचते-पहुंचते उसकी रफ्तार कुछ कम हो गई थी, लेकिन अब ये फिर से तेज़ हो रहा है। अंडमान निकोबार में बीते 10-15 दिन से मॉनसून की अच्छी-खासी बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक भूमध्य सागर से मॉनसून की हवाओं ने फिर से जोर पकड़ना शुरू किया है। अब अगर आगे सबकुछ ठीक रहा तो मौसम विभाग का कहा सही साबित होगा। लेकिन जिस तरह से पूरी धरती के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के उलटफेर देखने को मिल रहे हैं, अगर वैसा कुछ हुआ तो लगातार तीसरे साल देश को सूखे का सामना करना पड़ सकता है।

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