कॉन्डोम के विज्ञापनों से डरे पाकिस्तानी कठमुल्ले!

पाकिस्तान में अब कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों के विज्ञापन टीवी और रेडियो पर नहीं आएंगे। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ने वहां के कठमुल्लों के दबाव में यह फैसला किया है। अथॉरिटी का कहना है कि इन विज्ञापनों से बच्चों को कम उम्र में ही सेक्स के बारे में पता चल जाता है।

बच्चों के डर से जारी किया गया आदेश

पाकिस्तानी मीडिया पर नज़र रखने वाली इस अथॉरिटी का कहना है कि उन्हें कई अभिभावकों से इस बारे में शिकायत मिली थी कि कॉन्ट्रेसेप्टिव प्रोक्ट्स के विज्ञापनों से बच्चों के दिमाग में उत्सुकता जागती है। उन्हें लगातार ऐसी चिट्ठियां मिल रही थीं जिनमें ऐसे ऐड्स पर पाबंदी की मांग की जा रही थी। अथॉरिटी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि “आम लोगों में इस बात को लेकर बहुत चिंता है कि उनके छोटे-छोटे मासूम बच्चे कॉन्डोम जैसे गर्भनिरोधक उपायों के बारे में बचपन से ही जान जाते हैं। कई बार वो इन्हें खरीदने के लिए मां-बाप से जिद भी करने लगते हैं।”

बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम पर हावी कठमुल्ला

पाकिस्तान दुनिया का छठा सबसे अधिक आबादी वाला देश है, यहां जनसंख्या बढ़ोतरी की दर 2 फीसदी के करीब है। जिसे देखते हुए वहां की सरकार ने कुछ साल पहले बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया था। लेकिन पाकिस्तान के कट्टरपंथियों में इसे लेकर बेहद नाराजगी रही है। अक्स बर्थ कंट्रोल से जुड़े कर्मचारियों पर हमलों की भी घटनाएं सुनने में आती रही हैं। पाकिस्तान में रेडियो-टेलीविजन पर कंडोम या दूसरे गर्भनिरोधकों के विज्ञापन वैसे भी आम तौर पर न के बराबर हैं। जो विज्ञापन आते हैं वो भी देर रात में। इसके बावजूद विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला चौंकाने वाला है।

कॉन्डोम को गैर-इस्लामी करार दिया

कुछ साल पहले एक मौलवी ने कॉन्डोम के इस्लाम के खिलाफ फतवा भी जारी किया था। इस्लाम में गर्भनिरोध को हराम करार दिए जाने के कारण पाकिस्तान में कॉन्ट्रेसेप्टिव्स के इस्तेमाल में बीते साल 7.2 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

नीचे दिए लिंक्स पर आप कॉन्डोम कुछ विज्ञापनों को देख सकते हैं, जिन्हें लेकर पाकिस्तान में तलहका मच गया था

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