मोदी जी बस ये 3 काम और कर दें, कमाल हो जाएगा!

अरुण पांडेय नोएडा में ज़ी बिज़नेस में कार्यरत हैं।

अरुण पांडेय नोएडा में ज़ी बिज़नेस में कार्यरत हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी,
ये जानकार अत्यंत प्रसन्नता हुई कि भारत ने 2 वर्षों में हर क्षेत्र में इतनी तरक्की कर ली है। उम्मीद है कि अगले तीन साल और ज्यादा क्रांतिकारी रहेंगे।
लेकिन मुझे लगता है कि अभी भी आप वहां हथौड़ा नहीं मार रहे हैं जहां तत्काल प्रभाव से मार देना था क्योंकि उसका असर दिखने के लिए पांच साल जरूरी हैं। मोदी जी आपसे अनुरोध है कि इसे अपने अगले कार्यकाल के लिए बचाकर मत रखिएगा।
आप अगर 3 चीजों पर असरदार चोट करें तो आपके लिए अगले ही नहीं बल्कि उसके बाद के दो चुनाव भी बहुत आसान हो जाएंगे। ये हैं एजुकेशन, कोचिंग और हेल्थ। इन तीनों को आपको बेहद निरंकुश तरीके से प्रहार करना होगा, देश में लोगों की असंतुष्टि की सबसे बड़ी तीन वजह यही हैं।

सरकार को तत्काल प्रभाव से शिक्षा कम से कम 12वीं तक, अपने हाथ में ले लेना चाहिए। सोसाइटी में असमानता की सबसे बड़ी वजह यही है। भ्रष्टाचार की भी सबसे बड़ी वजह यही है। लोग अपने बच्चों को महंगे स्कूल में पढ़ाने के लिए अपनी वित्तीय स्थिति को देखे बगैर अंधाधुंध पैसा फेंकते हैं। इसके लिए रकम जुटाने के लिए वो ऊपरी कमाई का सहारा लेते हैं। वो चाहते हैं कि प्याज हमेशा साल दर साल पांच रुपए किलो बिके, टमाटर के दाम भी कभी 20 रुपए किलो से ज्यादा ना हों। दाल. चावल, और गेहूं के दाम भी फिक्स हो जाएं। रिक्शे वालों को दो रुपए ज्यादा देने में रोते हैं। ताकि बच्चों की एजुकेशन में मनमाना खर्च कर सकें। मोदी जी, अगर सरकार शिक्षा को अपने कब्जे में लेकर एजुकेशन का स्तर सुधार देगी को तो काफी दिक्कतें कम हो जाएंगे, समाज में असमानता काफी कम करने में मदद मिलेगी। लेवल प्लेइंग फील्ड होगा सबके लिए।

इसी से जुड़ी दूसरी दिक्कत है कोचिंग क्लास, इन पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगनी चाहिए। इसमें भी लोगों का बहुत पैसा खर्च होता है और इसका जुगाड़ भी सरकारी कर्मचारी ऊपरी कमाई से ही करते हैं। इसके बजाए स्पोर्ट्स की कोचिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। स्पोर्ट्स एजुकेशन में हम बहुत पीछे हैं, साथ ही सेहत के लिहाज से हमारे यहां ज्यादातर बच्चे कमजोर होते हैं, स्पोर्ट्स में ज्यादा ध्यान देकर हमें बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य देने में मदद मिलेगी. साथ ही बच्चों में जो आपराधिक प्रवृत्तियां आ रही हैं उसको असरदार तरीके से बहुत कम किया जा सकेगा। बच्चे हमेशा क्रिएटिव होते हैं लेकिन उनभर भौतिक चीजों का बहुत असर पड़ता है। अगर आप ये करते हैं तो वर्तमान ही नहीं भविष्य भी आपको याद रखेगा। इससे एक और फायदा होगा कि भारत स्मार्ट लोगों का देश बन जाएगा, अभी बेडोल लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है।

तीसरी सबसे जरूरी चीज है शानदार हेल्थ सेवाएं। आप प्राइवेट हॉस्पिटल का सरकारीकरण मत करिए लेकिन अगर आपने सरकारी हॉस्पिटल को प्राइवेट हॉस्पिटल से बेहतर बना दिया तो यकीन मानिए जात पर ना पात पर मुहर लगेगी आप पर। कोई जाति कोई धर्म नहीं चलेगा, आप जाति और धर्म का चक्रव्यूह तोड़ देंगे। आपको अंदाज होगा फिर भी मैं बता दूं महंगे इलाज की वजह से लोग आर्थिक तौर पर तबाह हो रहे हैं। प्राइवेट हॉस्पिटल इतने क्रूर और निष्ठुर हैं कि वो किसी से सहानुभूति नहीं रखते। आपके ऊपर जिम्मेदारी है क्रूरता के इस बिजनेस मॉडल को तहस नहस कर दीजिए फिर देखिए आपको बिना अतिरिक्त प्रयास के लोगों का प्यार मिलेगा।

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