कांग्रेस के इशारे पर चल रही हैं तृप्ति देसाई?

हाजी अली में प्रवेश का आंदोलन बीच में ही खत्म करके तृप्ति देसाई अपनी भूमाता ब्रिगेड के साथ आज नासिक के कल्पेश्वर मंदिर में पहुंच गईं। लेकिन यहां पर उन्होंने मंदिर में महिलाओं के अलावा दलितों के साथ भी तथाकथित भेदभाव का आरोप लगाया है। तृप्ति के इस आरोप ने अचानक से इस आरोप को हवा दे दी है कि तृप्ति के पीछे कहीं न कहीं महाराष्ट्र कांग्रेस का हाथ है। तृप्ति पुणे में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं।

नासिक के कल्पेश्वर मंदिर में जबरन घुसीं

तृप्ति देसाई आज सुबह-सुबह नासिक के मशहूर कल्पेश्वर मंदिर में जबरन घुस गईं। इस मंदिर में भी कुछ हिस्से में महिलाओं को प्रवेश मना है। हालांकि इन जगहों पर मंदिर मैनेजमेंट के अलावा बाकी पुरुष दर्शनार्थियों के जाने की अनुमति भी नहीं है। तृप्ति देसाई ने मंदिर में जातीय भेदभाव का भी आरोप लगाया है। जबकि नासिक में मंदिर के आसपास के लोगों का कहना है कि उनके सामने कभी ऐसी कोई घटना नहीं हुई, जिसमें किसी खास जाति को प्रवेश करने से रोका गया हो। माना जा रहा है कि इसके पीछे उनकी कोशिश हिंदू समाज को बांटने की है। इससे पहले तृप्ति देसाई शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर मंदिरों में जबरन घुस चुकी हैं।

हाजी अली आंदोलन को अधूरा छोड़ा

इसके साथ ही ये साफ हो गया है कि तृप्ति देसाई ने हाजी अली दरगाह में प्रवेश का अपना आंदोलन बीच में छोड़ दिया है। हाजी अली में तृप्ति देसाई उस हिस्से तक नहीं पहुंच पाईं थीं, जहां घुसकर वो पूजा करना चाहती थीं।

कांग्रेस के कहने पर हाजी अली आंदोलन खत्म!

हमारे सूत्रों के मुताबिक हाजी अली आंदोलन खत्म करने के पीछे महाराष्ट्र कांग्रेस के एक बड़े नेता का हाथ है। उसी ने तृप्ति से कहा कि अगर वो हाजी अली के चक्कर में पड़ेंगी तो उन्हें नुकसान हो सकता है। इसी नेता ने महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार को बदनाम करने की नीयत से तृप्ति देसाई के इस पूरे आंदोलन का खाका तैयार किया है।

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