ऐसे फेल हुई दिल्ली में केमिकल अटैक की साज़िश!

12 या 13 दिसंबर को दिल्ली में एक ऐसा आतंकी हमला होने वाला था, जिसकी कल्पना भी शायद किसी ने नहीं की थी। आतंकवादियों की एक गलती से उनकी साज़िश फेल हो गई। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक मेडिकल टूरिस्ट बनकर दिल्ली में आए 2 आतंकवादी शहर भर में 5 जगहों पर केमिकल अटैक करने वाले थे। साजिश का पूरा खाका तैयार हो चुका था। तारीख तय हो चुकी थी। लेकिन ऐन मौके पर कुछ ऐसा हुआ कि दिल्ली बाल-बाल बच गई।

कैसे रची गई केमिकल हमले की साज़िश?

खुफिया सूत्रों से हमें मिली जानकारी के मुताबिक पिछले साल नवंबर में एक पाकिस्तानी और एक अफगानी आतंकवादी इलाज के बहाने भारत आए। दोनों के पास अफगानी पासपोर्ट था। इन्हें दिल्ली में 5 तय जगहों पर केमिकल अटैक का टारगेट दिया गया था। इसके लिए इन्हें ISI और तालिबान के हक्कानी गुट की मदद से ट्रेनिंग और साजो-सामान भी मुहैया कराए गए थे। इनमें एक पाकिस्तानी आतंकी का नाम अहमद खान दुर्रानी और एक अफगानी अब्दुल कादिरी है। दुर्रानी को एक ऐसा केमिकल बम बनाने की ट्रेनिंग दी गई, जिससे अचानक बहुत बड़ी आग लग जाती है। इससे सिर्फ 5 मिनट के अंदर किसी भीड़ भरे इलाके में सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारा जा सकता है।

कैसे फेल हुई आतंक की ख़तरनाक साज़िश?

दोनों आतंकवादी दिल्ली में लाजपतनगर इलाके के एक घर में किराये पर ठहरे इसके लिए बाकायदा उनका पुलिस वैरीफिकेशन भी हुआ। दोनों लगातार पाकिस्तान में बैठे अपने आका के संपर्क में बने रहे। इस दौरान दोनों ने दिल्ली में कई जगहों पर घूम कर रेकी की। जिन पांच जगहों पर हमले का फैसला हुआ, उनमें इस्कॉन मंदिर और साउथ दिल्ली का एक बड़ा शॉपिंग मॉल शामिल था। इसी सैर-सपाटे के दौरान दोनों ने पुरानी दिल्ली जाकर कुछ केमिकल्स, तार, बोतलें और घड़ियां खरीदीं। यह इतना सामान था जिससे 6 केमिकल बम और टाइमर बनाए जा सकें। धमाके के लिए 12 या 13 दिसंबर का दिन तय था, जब वीकेंड की वजह से हर जगह भारी भीड़ होती है। 3-4 दिन पहले आतंकियों ने सारे केमिकल तैयार करके रख लिए। यह देखने के लिए कि बम ठीक से बने हैं या नहीं, उन्होंने बाथरूम में एक छोटा टेस्ट किया। लेकिन कुछ गड़बड़ हुई और धुएं का गुबार फूट पड़ा। डर कर दोनों आतंकवादियों ने फ्लश में सारा केमिकल बहा दिया और मौके से भाग गए। बाद में दोनों काबुल जाने वाली अगली फ्लाइट पर बैठ गए।

काबुल में पकड़ लिए दोनों आतंकवादी

इस दौरान लाजपतनगर में पड़ोस में रहने वालों ने घर से केमिकल की बदबू आने की बात पुलिस को बता दी। लेकिन तब तक देरी हो गई और काबुल जाने वाली फ्लाइट दिल्ली से रवाना हो चुकी थी। सिक्योरिटी एजेंसियों ने बिना वक्त गंवाए काबुल एयरपोर्ट के अधिकारियों को दो संदिग्ध लोगों की जानकारी दे दी, जिसके आधार पर उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पास से कुछ संदिग्ध सामान और हमले से जुड़े डॉक्यूमेंट भी मिले। दोनों से पूछताछ से साज़िश की सारी परतें खुल चुकी हैं।

पहली बार मेडिकल टूरिज़्म का इस्तेमाल

दिल्ली में हर दिन सैकड़ों की तादाद में विदेशों से लोग इलाज़ कराने के लिए आते हैं। यह पहली बार हुआ जब आतंकवादियों ने इनकी आड़ में घुसपैठ कर ली। हमले के मास्टरमाइंड मौलाना अब्दुल रहमान के बारे में भी सिक्योरिटी एजेंसियों को अहम बातें पता चली हैं। मौलाना 1999 में कंधार में इंडियन एयरलाइंस के विमान IC 814 की हाइजैकिंग के वक्त रिहा किया गया था।

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