दलितों के लिए मौन लड़ाई लड़ रहा योद्धा तरुण विजय

बायीं तस्वीर में तरुण विजय खून से लथपथ दिखाई दे रहे हैं। वो खुद पैदल चलकर अस्पताल तक गए।

उत्तराखंड में देहरादून के पास शिलगुर देवता के मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। बीजेपी सांसद तरुण विजय इलाके के दलित लोगों को लेकर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर से दर्शन करके बाहर निकलते ही कुछ लोगों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में तरुण विजय बुरी तरह घायल हो गए हैं। उनके सिर और छाती पर पत्थर लगे हैं। तरुण विजय के साथ मंदिर समिति के संरक्षक दौलत कुंअर भी बुरी तरह जख्मी हुए हैं। हमलावरों ने तरुण विजय की गाड़ी तोड़ कर उसे खाई में धकेल दिया। साथ में मौजूद पुलिस की कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। बीजेपी सांसद को चकराता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जगह देहरादून से करीब 100 किलोमीटर दूरी पर है।

बिना शोर मचाए लड़ रहे हैं दलितों की लड़ाई

तरुण विजय बीते कई साल बिना शोर-शराबा या पब्लिसिटी के दलितों के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। उत्तराखंड के कई मंदिरों में उन्होंने अब तक दलितों को प्रवेश का अधिकार दिलाया है। इसके अलावा वो दलितों के खिलाफ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जागरूकता फैलाने में लगे हैं। जाति रहित समाज बनाने को लेकर उनकी लड़ाई कभी राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा में नहीं आई। क्योंकि वो आमतौर पर कहीं भी मीडिया को लेकर नहीं जाते। आज के इस प्रोग्राम की जानकारी उन्होंने ट्विटर पर दी थी।

बीजेपी सांसद तरुण विजय पिछले काफी समय से ऐसे लोगों को समझाने-बुझाने में लगे थे जो उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों में दलितों को प्रवेश नहीं करने दे रहे थे। इस बारे में पिछले दिनों उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक अपील भी जारी की थी।

जब केरल में दलित नर्सिंग छात्रा से बलात्कार के मामले को वहां की सरकार और राष्ट्रीय मीडिया दबाने की कोशिश में जुटी थी तो तरुण विजय ने ही मामले को राज्यसभा में मजबूती के साथ उठाया था। इसके बाद पूरे देश का ध्यान इस अत्याचार पर गया था।

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