Loose Top

कहीं अरविंद केजरीवाल की डिग्री तो फर्जी नहीं!

पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री को फर्जी साबित करते-करते खुद अरविंद केजरीवाल की डिग्री ही विवादों में आ गई है। अरविंद केजरीवाल ने आईआईटी खडगपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उन्होंने 1985 से 1989 के बीच अपना कोर्स किया था। यह बात सामने आई है कि उसी दौर में आईआईटी खडगपुर में एडमिशन में धांधली चल रही थी। इस दौरान आईआईटी-जेईई रैंकिंग के अलावा भी कुछ छात्रों को गैरकानूनी ढंग से बिना किसी एडमिशन टेस्ट दाखिले दिए गए थे।

केजरीवाल के दाखिले पर क्यों है सवाल?

1951 में शुरू हुआ खड़गपुर देश का सबसे पुराना आईआईटी है। 2010 में यह बात सामने आई कि इंस्टीट्यूट ने बीते 40 साल में कई ऐसे छात्रों को एडमिशन दिया, जो जेईई टेस्ट में फेल हो चुके थे। 2005 तक यह धांधली चली थी। बाद में इस गुप्त कोटे के तहत दाखिले बंद कर दिए गए थे। आरटीआई में दिए गए एक जवाब में खुद आईआईटी खडगपुर प्रशासन ने यह बात मानी थी।

एक आरटीआई से पैदा हुआ शक

दिल्ली के रहने वाले एक शख्स ने पिछले दिनों आईआईटी खड़गपुर में अरविंद केजरीवाल की डिग्री के बारे में आरटीआई के जरिए कुछ सवाल पूछे थे। इसमें बाकी सारे जवाब तो सही मिले, लेकिन जब पूछा गया कि प्रवेश परीक्षा में उनकी ऑल इंडिया रैंकिंग क्या थी? तो इसका जवाब आईआईटी प्रशासन नहीं दे सका। जबकि आईआईटी के पास अपने छात्रों की यह जानकारी होती है। नीचे आरटीआई के जवाब में आप यह हिस्सा देख सकते हैं। केजरीवाल से पूछा जा रहा है कि वो अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग बताएं ताकि यह साबित हो सके कि उन्होंने धांधली से एडमिशन नहीं लिया था।

123-3

पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं

इस मामले में अभी तक राजनीतिक दलों से तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछे जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी भी केजरीवाल की डिग्री को लेकर उठे इस विवाद पर अब तक चुप है। उसकी तरफ से पूरे मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

खुद को इनकम टैक्स कमिश्नर बता चुके हैं केजरीवाल

इससे पहले अरविंद केजरीवाल खुद को इनकम टैक्स कमिश्नर भी बता चुके हैं। वो अपने भाषणों और रैलियों में बार-बार कहा करते थे कि मैं इनकम टैक्स कमिश्नर था। लेकिन बाद में खुद आईआरएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बयान जारी करके सफाई दी थी कि अरविंद केजरीवाल कभी भी इनकम टैक्स कमिश्नर नहीं रहे।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!