Loose Views

एक दलित बेटी से दरिंदगी पर ये चुप्पी क्यों है?

गोविंद सिंह परमार के फेसबुक पेज से साभार
गोविंद सिंह परमार के फेसबुक पेज से साभार
लगता है जैसे केरल भारत में न हो और लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार जिसमे उसकी आंत तक बाहर निकाली गयी हो के बारे में मीडिया लगभग चुप है। स्क्रीन काली करने वाले भी लगता है स्क्रीन पर ताला लगाकर प्रधानमंत्री जी की डिग्री तलाशने चले गए। लोगो ने फर्जी दलित रोहित वेमुला की याद में बहुत आंसू बहाए। उसकी तस्वीर को अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर बनाया। देश का हर बड़ा नेता उसके यहाँ मातम मना आया।

लगता है नेताओ और मीडिया को जानकारी नही मिल पायी कि यह लड़की भी दलित ही थी। मैं समझ नहीं पा रहा कि लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार, निर्मम हत्या, आंत निकालने जैसा क्रूरतम कृत्य किसी कायर की आत्महत्या या कन्हैया कुमारों के यशोगान से कम महत्वपूर्ण कैसे हो गई है। सवाल एक समाज से भी है कि टीआरपी पाने के जुनून में ऐसे मुद्दे कन्हैया कुमारों की चर्चा से पिछड़ कैसे जाते है।
जनरल साहब ने सही नाम दिया- प्रेस्टीट्यूट!!!

क्या है केरल का दलित छात्रा रेप केस

केरल के एर्नाकुलम की 19 साल की जीशा के साथ 3 मई को सामूहिक बलात्कार हुआ। बलात्कारियों ने उसके प्राइवेट पार्ट्स में नुकीली चीज डालकर आंतें तक बाहर निकाल ली थीं, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। अभी तक मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोप यह भी लग रहा है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण हासिल है, क्योंकि वो मुसलमान हैं। केरल की कांग्रेस सरकार जानबूझकर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही, क्योंकि इससे विधानसभा चुनाव में उन्हें नुकसान होगा। लोकल पुलिस ने पहले मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। लेकिन सोशल मीडिया पर जीशा को इंसाफ दिलाने की लड़ाई शुरू हो चुकी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की दखल के बाद इस मामले में तूल पकड़ लिया। पीएम मोदी भी 11 मई को अपनी केरल यात्रा के दौरान पीड़िता के परिवार से मिलने वाले हैं। कुछ दिन पहले एर्नाकुलम जिले के ही पेरम्वूर में एलएलबी कर रही की 30 साल की दलित छात्रा से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

View Results

Loading ... Loading ...