पब्लिक सेक्टर कंपनियों के ‘अच्छे दिन’ आ गए

8 साल के बाद पहली बार सरकारी कंपनी एयर इंडिया ने मुनाफा कमाया है। सिविल एविएशन मंत्री अशोक गजपति राजू ने लोकसभा में यह जानकारी दी। एयर इंडिया के अलावा बीएसएनएल, दूरदर्शन और दूसरे कई सरकारी उपक्रमों के प्रदर्शन में बीते 2 साल में सुधार आया है। तो क्या मानें कि नरेंद्र मोदी सरकार में जनता के पैसे पर चलने वाली सरकारी कंपनियों के अच्छे दिन आ गए है?

2 साल में कैसे बदली एयर इंडिया की किस्मत

मनमोहन सिंह सरकार के वक्त लगातार विवादों में रही एयर इंडिया का फायदे में आना कोई मामूली खबर नहीं है। टैक्स पेयर्स के पैसे पर चल रही यह कंपनी 2,636 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही थी, अब यह 8 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गई है। कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्चों में 11 फीसदी तक कटौती की है। मई 2014 में मोदी सरकार आने के बाद जुलाई में एयर इंडिया ने स्टार अलायंस में शामिल होने का फैसला कर लिया। जिससे उसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन मार्केट में पहचान मिली।

मुश्किल वक्त में देश के साथ एयर इंडिया

प्राइवेट एयरलाइंस से अलग एयर इंडिया ने मुश्किल दौर में देश की भरपूर सेवा भी की। पिछले साल एयर इंडिया ने यमन से 6000, इराक और लीबिया से 1300 लोगों को जंग के मैदान से निकाल सुरक्षित भारत पहुंचाया। इसके अलावा एयर इंडिया ने नेपाल भूकंप के वक्त 17,500 लोगों को वापस भारत पहुंचाया।

BSNL और दूरदर्शन भी अब बीमारू नहीं

कुछ इसी तरह भारत संचार निगम (BSNL) ने 2014-15 में 672 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमाया। कंपनी के 2018 तक पूरी तरह मुनाफे में आ जाने का अनुमान है। बीते 9 साल से कंपनी की हालत बेहद खस्ता थी। लेकिन अब इसकी किस्मत बदल गई है। 2004 में BSNL 10 हजार करोड़ के मुनाफे में हुआ करती थी। लेकिन मनमोहन सिंह के 10 साल के कार्यकाल में यह कंपनी 8000 करोड़ के नुकसान में चली गई। कुछ ऐसी ही कहानी दूरदर्शन की है। बीते 6-7 साल से सफेद हाथी की तरह चल रहा दूरदर्शन एनडीए सरकार के पहले साल में ही मुनाफे में आ गया है। इसके पीछे भी बड़ा राज फिजूलखर्ची में कटौती और प्रोफेशनल फैसलों को माना जा रहा है।

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