इटली की कोर्ट में ‘कसूरवार’ साबित हुईं सोनिया गांधी

पहली बार किसी घोटाले में सीधे तौर पर सोनिया गांधी का नाम सामने आया है। वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वतखोरी के मामले में इटली की अदालत ने सोनिया गांधी को “Main Driving force” यानी असली गुनहगार करार दिया है। इटली की अदालत में चले मुकदमे में 125 करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप साबित हुआ है। सोनिया के अलावा मनमोहन सिंह, अहमद पटेल और ऑस्कर फर्नांडिस के नाम भी घोटाले में शामिल लोगों में हैं।

बिचौलिये के जरिए 125 करोड़ रुपये रिश्वत ली!

इटली में मिलान शहर की अदालत के फैसले के पेज नंबर-193 और 204 पर कुल मिलाकर 4 बार सोनिया गांधी का नाम आया है। इसमें उनके नाम की स्पेलिंग Signora Gandhi लिखा गया है। कोर्ट ने कहा है कि सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने बिचौलिए जरिए 125 करोड़ रुपये कमीशन लिया, जो भ्रष्टाचार के दायरे में आता है। कुल 225 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई, जिसमें से 52% हिस्सा कांग्रेस के नेताओं को दिया गया। 28% सरकारी अफसरों को और 20% एयरफोर्स के अफसरों को मिला। इस केस में पूर्व एयरफोर्स चीफ एसपी त्यागी को भी रिश्वत मिलने की बात कही गई है।

रिश्वत देने वाले अधिकारियों को सज़ा

इटली की अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के चीफ गिसेप्पी ओरसी को दोषी ठहराया है। उन्होंने कोर्ट के आगे कबूला है कि भारत को हेलीकॉप्टर की 3,600 करोड़ रुपये की डील के बदले कंपनी ने कांग्रेस पार्टी के टॉप नेताओं को रिश्वत दी। गिसेप्पी को साढ़े चार साल, जबकि कंपनी के एक दूसरे अधिकारी ब्रूनो स्पागनोलिनी को चार साल कैद की सज़ा सुनाई गई है। रिश्वत लेने वालों को सजा नहीं दी जा सकती थी, क्योंकि वो इटली से बाहर रह रहे हैं।

मामले में अब आगे क्या होगा?

खबर है कि सीबीआई ने इटली की अदालत के आदेश की कॉपी मांगी है। इसके लिए विदेश मंत्रालय के जरिए संपर्क किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक इटली के मिलान की अदालत को हमारे देश के हिसाब से हाई कोर्ट का दर्जा है। कोर्ट का फैसला इटैलियन भाषा में है, लिहाजा पहले उसका ट्रांसलेशन भी कराना होगा।

क्या है अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला?

  • 2010 में हेलीकॉप्टर बनाने वाली इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा हुआ था।
  • इस डील में 3 हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी हो भी चुकी है, जो आज भी दिल्ली के पालम एयरबेस पर खड़े हैं। इनका एक बार भी इस्तेमाल नहीं हुआ है।
  • 12 हेलीकॉप्टरों के लिए कुल 3600 करोड़ रुपये देना तय हुआ था। लेकिन तभी यह पोल खुल गई कि कंपनी ने भारत में 125 करोड़ रुपये घूस दिए हैं।
  • इटली की अदालत में यह साबित हुआ कुल डील का 10% हिस्सा रिश्वत में देने की बात तय हुई थी।
  • इसमें से 125 करोड़ रुपये बिचौलिए के जरिए कांग्रेस के नेताओं तक पहुंच भी गए।
  • घूसखोरी का भंडाफोड़ होने के बाद 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार ने डील रद्द कर दिया था।
  • इसके बाद पूर्व एयरफोर्स चीफ एसपी त्यागी समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया।
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