हंदवाड़ा की यह लड़की देश की असली हीरो है!

Handwara Girl

इस लड़की का कोई नाम नहीं है, इसका कोई चेहरा भी नहीं है… लेकिन कश्मीर के हंदवाड़ा की रहने वाली यह स्कूली लड़की देश का असली हीरो है। ये लड़की नाबालिग है, इसलिए मीडिया इसका चेहरा नहीं दिखा रहा। 12 अप्रैल को हंदवाड़ा के स्कूल में कुछ लोगों ने इसके साथ छेड़खानी की। छेड़खानी करने वाले तो भाग गए, लेकिन उनके ही साथियों ने कहना शुरू कर दिया कि छेड़खानी सेना के जवानों ने की है। इसके बाद बड़े पैमाने पर इस इलाके में विरोध-प्रदर्शन और हिंसा हुई। इसमें 5 लोगों की मौत भी हो गई। कश्मीर की इस आग को भड़काने में एनडीटीवी चैनल ने भी पूरी मदद की, उन्होंने पहले छेड़खानी और फिर फायरिंग के लिए सीधे तौर पर सेना को दोषी ठहराना शुरू भी कर दिया। लेकिन लड़की ने खुद सामने आकर सारी पोल खोल दी। एनडीटीवी के रिपोर्टर और अलगाववादी झूठ का गुब्बारा फुलाते रहे और यह लड़की उनके हर झूठ की धज्जियां उड़ाती गई।

मजिस्ट्रेट के आगे भी बयान पर कायम

ऐसे वक्त में जब इस लड़की के नाम पर कश्मीर घाटी को हिंसा में झोंक दिया गया और कई लोगों को जान गंवानी पड़ी, यह लड़की बार-बार यही कहती रही कि छेड़खानी सैनिकों ने नहीं, बल्कि लोकल लोगों ने की। लड़की ने मजिस्ट्रेट के आगे बताया कि “12 अप्रैल को स्कूल खत्म होने के बाद मैं अपनी दोस्त के साथ घर जाने की तैयारी कर रही थी। निकलने से पहले हम लोग स्कूल के पास पब्लिक टायलेट में गए। वहां से बाहर निकलते ही दो लड़कों ने हम पर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं। जब हमने विरोध किया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की, मुझे घसीटा और स्कूल बैग छीन लिया। उनमें से एक लड़का स्कूल की यूनिफॉर्म में था।”

पहले वीडियो को झुठलाने की हुई कोशिश

मजिस्ट्रेट के आगे बयान से पहले इस बहादुर लड़की का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वो खुलकर कह रही है कि छेड़खानी करने वाले लोकल लोग ही थे। इस वीडियो ने सारे मामले को पलटकर रख दिया। लेकिन इसे झुठलाने की कोशिश शुरू हो गई। एनडीटीवी और कुछ दूसरे चैनलों ने लड़की की मां के हवाले से कहना शुरू कर दिया कि सेना ने लड़की पर दबाव डालकर यह बयान लिया है। साथ ही इस दौरान हुई हिंसा में हुई मौत को ज्यादा बड़ा मुद्दा बताना शुरू कर दिया। जबकि सच्चाई सामने आ चुकी थी कि यह हिंसा पहले से प्रायोजित थी। देखिए कैसे एनडीटीवी के रिपोर्टर नज़ीर मसूदी ने हंदवाड़ा की घटना की तुलना दादरी कांड से करते हुए हिंसा फैलाने की कोशिशों को जायज ठहराया।

इतना ही नहीं एनडीटीवी ने रिपोर्टर नजीर मसूदी के ही हवाले से एक खबर छापी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि हंदवाड़ा जहां पर फायरिंग में एक शख्स की मौत हुई, वहां पर उन्होंने एक भी पत्थर नहीं देखा। जबकि उसी घटना की दूसरी वीडियो फुटेज में पथराव और भारी हंगामा साफ-साफ देखा जा सकता था।

एनडीटीवी चैनल ने यह झूठी रिपोर्ट दिखाकर न सिर्फ भ्रम फैलाने, बल्कि सेना को दोषी ठहराने की भी कोशिश की।

एनडीटीवी चैनल ने यह झूठी रिपोर्ट दिखाकर न सिर्फ भ्रम फैलाने, बल्कि सेना को दोषी ठहराने की भी कोशिश की।

एनडीटीवी की बरखा दत्त ने भी ट्विटर के जरिए इस हिंसा को तूल देने की पूरी कोशिश की। जबकि सच्चाई सामने आ चुकी थी।

पुलिस ने छेड़खानी के असली आरोपी को पकड़ा

इस बीच, छेड़खानी करने वाले असली आरोपी हिलाल अहमद को जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके दूसरे साथी की तलाश अभी जारी है। अगर आज असली आरोपी पकड़ा जा सका है तो इसका सारा क्रेडिट उस बहादुर कश्मीरी लड़की को दिया जाना चाहिए जिसने परिवार से लेकर अपने पास-पड़ोसियों तक से सिर्फ इसलिए लोहा ले लिया, ताकि वो उन गुनहगारों को पकड़वा सके, जिन्होंने उसके साथ गलत हरकत की थी।
(सिद्धार्थ शर्मा)

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