बिहार विधानसभा आओ, माइक्रोवेव अवन पाओ!

Courtesy - ANI

होली से पहले आज आखिरी दिन बिहार विधानसभा के विधायक जब सदन से बाहर निकले तो लोग हैरत में पड़ गए। कई विधायकों ने अपने हाथों में बड़े-बड़े डिब्बे और सूटकेस उठा रखे थे। बिहार विधानसभा में पिछले कुछ समय से रिश्वतखोरी का ये तरीका बेरोकटोक चल रहा है। जिस विभाग का बजट पास होता है, वो विभाग विधायकों को ऐसे तोहफे देता है। आज शिक्षा विभाग की बारी थी। जिसने माइक्रोवेव अवन गिफ्ट किया। इसके अलावा कुछ और विभागों ने मोबाइल फोन, सूटकेस और ट्रैवेल बैग विधायकों को तोहफे में दिए।

शिक्षा विभाग के तोहफे पर विवाद

बिहार में शिक्षा विभाग के एक लाख से ज्यादा टीचरों को पिछले 6 महीने से सैलरी नहीं मिली है। विभाग फंड की कमी का रोना रो रहा है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि विधायकों के तोहफों पर खर्च करने के लिए यह रकम कहां से आ गई?

बिहार सरकार की अजब-गजब सफाई

शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी से जब पूछा गया तो उनकी अजब ही दलील थी। चौधरी ने कहा कि इस माइक्रोवेव अवन में विधायक स्कूलों में मिलने वाला मिडडे मील गरम करके खाएंगे।
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की दलील तो और भी कमाल की रही। उन्होंने कहा कि यह तो बिहार की परंपराओं में से एक है। हमारे विधायक बहुत गरीब हैं, इसलिए उन्हें ऐसा तोहफा देने में कोई बुराई नहीं है। इस पर ‘सिर्फ 30 लाख’ रुपये ही खर्च आया है। तेजस्वी के मंत्रालय ने विधायकों को सैमसंग का मोबाइल फोन गिफ्ट किया है।

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