मोदी के राज में अडानी को एक और झटका

पीएम मोदी के करीबी माने जाने वाले अडानी ग्रुप को मध्य प्रदेश में जमीनों पर अपने अवैध कब्जे खाली करने को कह दिया गया है। यहां शाजापुर जिले के देहंडी गांव में अडानी-विलमर लिमिटेड कंपनी का प्रोजेक्ट चल रहा है। यहां पर काफी सरकारी जमीनों पर इस कंपनी ने अपना कब्जा कर रखा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्य के राजस्व मंत्री रामपाल सिंह ने जानकारी दी है कि कंपनी से कहा गया है कि वो 2 महीने के अंदर सारे अवैध कब्जे खाली करे।

झारखंड में भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

अडानी के खिलाफ कार्रवाई का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले झारखंड में भी सरकार ने एक बिजली घर के लिए बेहद सस्ती दरों पर जमीन देने से अडानी को इनकार कर दिया था। तब ये खबर आई थी कि झारखंड की बीजेपी सरकार ने कंपनी से दो-टूक कहा है कि वो जमीन बाजार भाव पर ही खरीदें। इसके लिए उन्हें कोई रियायत नहीं मिलेगी। इस रुख से सकते में आए अडानी के अपने इस प्रोजेक्ट से हाथ वापस खींचने की भी खबरें हैं।

विपक्ष के हमलों से अलग है हक़ीकत

विपक्ष भले ही बार-बार सरकार को अंबानी-अडानी की सरकार कह रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत काफी अलग है। सरकार की तरफ से अब तक अंबानी की कई कंपनियों पर अलग-अलग मामलों में करोड़ों का जुर्माना ठोका जा चुका है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने अंबानी की लाख मांग के बावजूद नेचुरल गैस की कीमत नहीं बढ़ाई। चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल कहा करते थे कि मोदी सरकार आते ही गैस की कीमत डबल हो जाएगी। इसके उलट मोदी सरकार ने गैस के दाम कम कर दिए। अब अडानी के साथ बराबरी का बर्ताव कुछ और ही कहानी बयान कर रहा है।

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