विधायक ने नहीं, मीडिया ने सच्चाई की टांग तोड़ दी

देहरादून में बीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के एक घोड़े की टांग टूटने को लेकर मीडिया में चल रही खबरें झूठी साबित हो गई हैं। सोमवार को हुए इस प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान बीजेपी के विधायक गणेश जोशी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें वो घोड़ी की तरफ लाठी ताने हुए दिख रहे हैं। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘एनडीटीवी’ जैसे तमाम अखबारों और चैनलों ने खबर दी कि बीजेपी विधायक ने लाठी से मार-मारकर घोड़े की टांग तोड़ दी। पहली नज़र में लोगों ने इस बात पर भरोसा भी कर लिया, लेकिन जो वीडियो फुटेज सामने आ रही है, उसमें कुछ और ही कहानी दिखाई दे रही है।

विधायक ने घोड़े को डंडा नहीं मारा

दरअसल झड़प के दौरान शक्तिमान नाम के घोड़े ने अपना अगला पैर बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर मारा। पुलिस के घोड़े बिना घुड़सवार के आदेश के ऐसा नहीं करते। जब उन पर सवार पुलिस वाला लगाम खींचकर इशारा करता है, तभी घोड़े सामने खड़े आदमी पर अपना पैर मारता है। इस बात से बीजेपी के कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने घोड़े की तरफ डंडा ताना और उस पर बैठे पुलिसवाले को खींचना शुरू कर दिया। इसी दौरान घोड़े का पिछला पैर सड़क पर किसी गड्ढे में फंस गया। वीडियो फुटेज में गणेश जोशी ने एक जगह डंडे से मारा जरूर है, लेकिन वो घोड़े के पैर पर नहीं लगा। घोड़े का पैर जब फंसा तो विधायक वहां से काफी दूर जा चुके थे। विधायक ने ये वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। इसे मौके पर मौजूद लोकल रिपोर्टरों ने शूट किया है। पुलिस ने वीडियो को सही माना है। जिले के एसएसपी ने कहा है कि घोड़े की टांग लाठी से नहीं, बल्कि सड़क में फंसने की वजह से टूटी।

घोड़े को लाठी मारने वालो की असली खबर।

This video demonstrates the power of paid media and how gullible we are when it comes to believing things. This also shows how easy it is for the ruling party to manage the media and conveniently shift attention from relevant issues. Police officers rode on horses and chased the demonstrators. Normally this wouldn't be seen except in emergency situations, but then again the Uttarakhand police has proved how vulnerable it is in front of the dictatorial State government led by Shri. Harish Rawat Ji. Most media channels have been circulating the news that I hit a horse and injured it. Please watch this video to know the truth. I strongly condemn the action of the youth involved in this video for pulling on the horse, making the poor animal lose his balance and fall, thus injuring himself. I apologize on his behalf as this is against my personal and the party's principles. We belong to a party which is led by the likes of Maneka Gandhi and believe in treating animals like family. I urge you to take a moment to watch this video. I will continue to represent and fight for the interests of my constituents, humans and animals alike. These fabricated stories show the levels to which the State government of Uttarakhand will stoop to to grab public's attention.

Posted by Ganesh Joshi on Monday, 14 March 2016


मीडिया ने की एकतरफा रिपोर्टिंग

विधायक ने बेशक घोड़े पर लाठी तानी थी, लेकिन लगभग सभी चैनलों-अखबारों ने तथ्यों की पड़ताल किए बिना सीधे यह खबर चलानी शुरू कर दी कि विधायक ने डंडे मार-मारकर घोड़े की टांग तोड़ दी। जबकि वीडियो फुटेज से ही सारी सच्चाई सामने आ सकती थी।

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हालांकि करीब 24 घंटे के अंदर ही सच्चाई सामने आने के बाद कुछ चैनलों और अखबारों ने सच्चाई को स्वीकार करना शुरू कर दिया। एनडीटीवी ने तो बाकायदा ट्वीट करके माना कि घोड़े का पैर लाठी से नहीं टूटा है।

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