मोदी के खिलाफ बड़े काम का हथियार है फोटोशॉप!

यूपी के गाजीपुर में रहने वाले शम्स तबरेज नाम के इसी शख्स ने सीआरपीएफ के आरटीआई जवाब के साथ फर्जीवाड़ा किया। ये शख्स फरार है, लेकिन इसका बनाया फर्जी RTI लेटर आज भी सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है।

यूपी के गाजीपुर में शम्स तबरेज नाम के एक शख्स को पुलिस बड़े ही जोरशोर से तलाश रही है। खुद को आरटीआई कार्यकर्ता बताने वाले इस शख्स ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि सीआरपीएफ ने उसके एक सवाल का जवाब देने से ये कहकर इनकार कर दिया कि ‘वो आतंकवादियों के धर्म इस्लाम का है, इसलिए उसे सूचना नहीं दी जा सकती’। इस बारे में फर्जी आरटीआई जवाब बनाने के लिए शम्स तबरेज ने फोटोशॉप की मदद ली और लेटर तैयार करके उसे सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। दिल्ली से छपने वाले एशियन एज अखबार समेत कई न्यूज़ वेबसाइट्स ने उसकी इस फर्जी कहानी पर यकीन करके गलत खबर भी छाप दी थी।

ये है आरटीआई का असली जवाब

सीआरपीएफ के डीआईजी ने शम्स तबरेज को यह जवाब भेजा था, लेकिन उसने फोटोशॉप की मदद से एक पैरा खुद जोड़कर सरकार और सीआरपीएफ को बदनाम करना शुरू कर दिया।

झूठ खुलने के बाद फरार है तबरेज

मीडिया में खबर आने के बाद सीआरपीएफ के अधिकारियों ने तबरेज के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है, लेकिन वो फरार है। पुलिस ने उस पर जालसाजी और धार्मिक माहौल बिगाड़ने की साजिश का आरोप लगाया है।

Asian Age अखबार ने छापी झूठी खबर

हैरत की बात ये है कि एक फर्जी आरटीआई रिप्लाई पर दिल्ली से छपने वाले एशियन एज अखबार ने खबर भी छाप दी। अखबार ने बिना किसी तथ्य या सीआरपीएफ का पक्ष जाने बिना ये खबर 4 मार्च को प्रकाशित की। नतीजा ये है कि ये फर्जी खबर सोशल मीडिया पर आज भी जमकर शेयर की जा रही है और न तो एशियन एज अखबार और न ही किसी दूसरी वेबसाइट ने यह बताने की जरूरत समझी कि उन्होंने जो खबर छापी थी वो दरअसल गलत है। नीचे आप अखबार की उस खबर का प्रिंट देख सकते हैं।

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