राहुल गांधी ने आखिर ब्रिटेन में कंपनी क्यों खोली?

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राहुल गांधी के 2003 से 2009 के बीच खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित करने पर छिड़े विवाद के बीच यह सवाल भी बड़ा होता जा रहा है कि आखिर राहुल ने ब्रिटेन में कंपनी क्यों खोली थी। ब्रिटिश अधिकारियों ने यह पुष्टि कर दी है कि जो कागजात सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पेश किए हैं वो बिल्कुल सही हैं। इनमें राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक लिखे जाने को टाइपिंग की गलती होने का शक जताया गया। लेकिन इस बात से यह दलील खारिज हो जाती है कि 2003 से लेकर 2009 के बीच कई बार कंपनी के कागजात और रिटर्न दाखिल किए गए और हर बार उनकी नागरिकता ब्रिटिश ही रही।

राहुल को कंपनी की क्या जरूरत थी?

इस सवाल पर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं। खुद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आज ट्वीट किया है कि “कांग्रेस ने मान लिया है कि राहुल ने ब्रिटेन में खुद को वहां का नागरिक बताते हुए कंपनी खोलने का अपराध किया है। इसलिए FCRA, PMLA और FEMA के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इसके लिए मैं इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट से अनुरोध करूंगा।”

फर्जीवाड़े के लिए थी बोगस कंपनी!

स्वामी का दावा है कि बैकॉप्स लिमिटेड नाम की यह कंपनी दरअसल फर्जी कंपनी थी। किसी हथियार सौदे में दलाली के पैसे लेने के लिए इसे बनाया गया था। काम हो जाने पर इसे बंद भी कर दिया गया। सुब्रह्मण्यम स्वामी इस बारे में बहुत जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। अभी तक यह साफ है कि 6 साल के दौरान बैकॉप्स लिमिटेड ने कोई बिजनेस नहीं किया। जबकि इसके लिए राहुल गांधी ने लंदन के सबसे महंगे इलाके में अपना घर का पता लिखवाया और यह सारी जानकारी भारतीय अधिकारियों की नज़रों से बचाकर रखा।

स्वामी का दावा, राहुल भारतीय नहीं हैं

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अपने इस दावे को दोहराया है कि राहुल गांधी भारतीय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनका भारतीय पासपोर्ट और संसद की सदस्यता फौरन रद्द कर देनी चाहिए। उन्होंने राहुल के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को पत्र भी लिखा है।

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