टेलीकॉम कंपनियों की धमकी, हम कॉल रेट्स बढ़ाएंगे

मोबाइल फोन पर कॉल ड्रॉप होने पर अगर टेलीकॉम कंपनियों पर फाइन लगा तो वो कॉल दरें बढ़ा देंगी। इन कंपनियों के संगठन COAI और AUSPI ने टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) को चिट्ठी लिखकर बाकायदा ये बात कही है।

क्या है टेलीकॉम कंपनियों की दलील

कंपनियों का कहना है कि जरूरी नहीं कि हर बार कमजोर नेटवर्क की वजह से ही कॉल ड्रॉप हो। कई बार फोन पर बात कर रहे व्यक्ति की भी गलती होती है। जैसे कि वो बात करते-करते बेसमेंट में चला जाए तो कॉल ड्रॉप हो सकती है। इसके लिए कंपनी को दोषी कैसे ठहराया जा सकता है। हो सकता है कि कुछ कस्टमर जानबूझकर ऐसा करें ताकि वो कॉल ड्रॉप से कमाई कर सकें। कंपनियों के मुताबिक अगर इस फैसले पर अमल हुआ तो कॉल ड्रॉप्स और बढ़ जाएंगी। इस बोझ की भरपाई के लिए कॉल दरें बढ़ानी होंगी। कंपनियों का कहना है कि यह संभव ही नहीं है कि बिल्कुल भी कॉल ड्रॉप न हो। हालांकि टेलीकॉम कंपनियों की दलील बिल्कुल ठीक भी नहीं है। सवाल ये है कि बार-बार कॉल ड्रॉप होने से उन्हें जो अतिरिक्त आमदनी होती है उसका हिसाब वो कब देंगे।

कॉल ड्रॉप पर जुर्माने का है प्रस्ताव

ट्राई ने 1 जनवरी से कॉल ड्रॉप पर 1 रुपया फाइन का एलान किया है। ये पैसा सीधे कस्टमर के एकाउंट में चला जाएगा। इसके तहत रोज अधिकतम 3 कॉल तक ड्रॉप होने पर ही जुर्माना लगेगा। मतलब ये कि अगर किसी की रोज 3 कॉल ड्रॉप होती हैं तो महीने के आखिर में उसे कुल 90 रुपये की कमाई हो जाएगी। टेलीकॉम कंपनियां शुरू से ही इस प्रस्ताव को अव्यावहारिक बता रही हैं। सरकार टेलीकॉम कंपनियों को कई बार चेतावनी दे चुकी है कि वो अपने नेटवर्क को सुधारें ताकि कॉल ड्रॉप की समस्या न हो।

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